Sonbhadra News: देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में वाम दलों का जुलूस व प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन.
देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को संयुक्त वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने छपका पावर हाउस से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंच जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप विभिन्न मांगें उठाईं। वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार पर श्रमिक, किसान, खेत मजदूर, आदिवासी, नौजवान, महिला, दस्तकार, छोटे व्यापारी व मध्यम वर्ग विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया।
sonbhadra
6:05 PM, Feb 12, 2026
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“कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय” और “एम्स” की स्थापना की मांग सहित अन्य मांगों की मांग।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को संयुक्त वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने छपका पावर हाउस से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंच जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें उठाईं। वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार पर श्रमिक, किसान, खेत मजदूर, आदिवासी, नौजवान, महिला, दस्तकार, छोटे व्यापारी व मध्यम वर्ग विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों, संयुक्त किसान मोर्चा, संयुक्त खेत मजदूर यूनियन और संयुक्त वाम दलों के आह्वान पर यह हड़ताल की गई है। ज्ञापन में चार श्रम संहिताओं को निरस्त कर पुराने श्रम कानून बहाल करने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 वापस लेने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग की गई। इसके ग्रामीणों व खेत मजदूरों के हित में वीबी जी रामजी योजना को निरस्त कर पूराने मनरेगा योजना को बहाल किया जाए। मनरेगा में 200 दिन काम की गारंटी और 600 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित किया जाये। किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग उठाई गई। वाम दलों ने सोनभद्र को कटौती मुक्त बिजली, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता,। चार प्रांतों की सीमा को समेटे विंध्य कैमूर पर्वतमालाओं के मध्य स्थित जनपद सोनभद्र में उच्च शिक्षा के लिए “कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय” और “एम्स” की स्थापना, सड़कों व मोबाइल नेटवर्क में सुधार, खनन क्षेत्रों में मशीनों पर रोक और विस्थापितों को पुनर्वास का लाभ देने की मांग भी की। जनपद सोनभद्र में कनेक्टिविटी और विकास की गति को तेज करने के लिए यहां विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाली सभी सड़कों को दुरुस्त कराया जाए और विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क के टावर स्थापित कराया जाए। जनपद सोनभद्र के बालू/ मोरम व पत्थर खनन क्षेत्रों में अवैध तरीके से चल रहे जेसीबी/ पोकलेन जैसी मशीनों पर तत्काल रोक लगाई जाए और मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा उन्हें सुरक्षा, चिकित्सा, बीमा के साथ श्रम कानून का पूरा लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। जनपद में वर्षों से स्थापित रिंहद, धंधरौल व नगवां बांध के हजारों विस्थापितों को आज तक विस्थापन का दंश झेलना पड़ रहा है। जिन्हें आज तक विस्थापन नीति का समुचित लाभ नहीं प्राप्त हो सका है, उन्हें तत्काल प्रभाव से विस्थापन नीति का पूरा लाभ दिलाया जाए। धरना का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव आर.के. शर्मा, माकपा जिला सचिव नंद लाल आर्य और माले जिला सचिव सुरेश कोल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान भाकपा, माकपा, माले, उत्तर प्रदेश किसान सभा, अखिल भारतीय किसान सभा और खेत मजदूर संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
