Sonbhadra News: विदेश नीति और अमेरिकी कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन, तीन भारतीय नाविकों की मौत पर वामदलों ने उठाई आवाज.
संयुक्त वामदलों के बैनर तले गुरुवार को कम्युनिस्ट नेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर भारतीय जहाजों पर कथित अमेरिकी हमले की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की। ज्ञापन में मारे गए नाविकों के परिवारों को मुआवजा देने, अमेरिका के खिलाफ कूटनीतिक विरोध दर्ज कराने तथा स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की मांग की।
sonbhadra
5:56 PM, Jun 18, 2026
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संयुक्त वामदलों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर विरोध दर्ज कराया।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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वामदलों ने अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर कथित हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। गुरुवार को कम्युनिस्ट नेताओं ने कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा होकर अमेरिकी सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला कायरतापूर्ण था, जिसमें भारतीय चालक दल के तीन नाविकों की जान चली गई। संयुक्त वामदलों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि अमेरिकी प्रशासन की ये कार्रवाइयां संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्रों में मुक्त नौवहन के सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं। ज्ञापन में अमेरिका पर पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपने की कोशिश करने वाले 'गुंडे' की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया गया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वामदलों ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर अमेरिका की कनिष्ठ साझेदार बन गई है, जिससे वह अपने कर्तव्यों का घोर उल्लंघन कर रही है। इस घटना पर सरकार की कमजोर प्रतिक्रिया और अमेरिका से माफी मंगवाने में उसकी विफलता को भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अपमान बताया गया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ईरान और पश्चिम एशिया के खिलाफ अमेरिकी हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इससे ऊर्जा लागत में वृद्धि हुई है और उर्वरकों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी पैदा हुई है। केंद्र सरकार से मांग की गई कि वह मारे गए नाविकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित करे। इसके साथ ही, भारत सरकार नाविकों की हत्या के लिए अमेरिकी सरकार की कड़ी निंदा करे और कूटनीतिक विरोध दर्ज कराए। वामदलों ने यह भी मांग की कि भारत अमेरिकी दबाव में आए बिना स्वतंत्र विदेश नीति का पालन सुनिश्चित करे। इस प्रतिवाद कार्यक्रम में भाकपा जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, माकपा के जिला मंत्री कामरेड नन्द लाल आर्या, किसान सभा के नेता कामरेड प्रेम नाथ, राजबली, कामरेड उदय प्रकाश, कामरेड राम बचन और कामरेड लाल बहादुर सहित कई कम्युनिस्ट कार्यकर्ता शामिल रहे।
