Sonbhadra News: लोहिया वाहिनी का विरोध प्रदर्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का पुतला फूंककर जताया आक्रोश.
समाजवादी लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह पटेल के नेतृत्व में हिन्दुआरी तिराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का फोटो जलाकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया। लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह पटेल ने कहा कि ट्रम्प की तानाशाही भारत पर नहीं चलनी चाहिए।
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4:48 PM, Mar 15, 2026
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ट्रम्प की तानाशाही भारत पर नहीं चलनी चाहिए- विवेक सिंह पटेल।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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समाजवादी लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह पटेल के नेतृत्व में हिन्दुआरी तिराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का फोटो जलाकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया। लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विवेक सिंह पटेल ने कहा कि ट्रम्प की तानाशाही भारत पर नहीं चलनी चाहिए। भारत हमेशा से गुटनिरपेक्ष नीति का समर्थक रहा है और वैश्विक संघर्षों का खामियाजा भारतीय जनता को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गैस और तेल जैसे ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा हो गई है। गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी की स्थिति बन गई है और एलपीजी से चलने वाले वाहन भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि होटल और रेस्तरां से लेकर आम लोगों तक को गैस संकट का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि अयोध्या की राम रसोई और काशी की मां अन्नपूर्णा रसोई भी गैस की किल्लत के कारण प्रभावित हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका की आक्रामक नीतियों और वैश्विक तनाव के कारण ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ रहा है। विवेक सिंह पटेल ने कहा कि युद्ध केवल विनाश लाता है और इससे मासूम लोगों की जान जाती है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं लोहिया वाहिनी सोनभद्र के अतुल दुबे और युवा नेता संतोष कुमार सिंह ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है, जहां शांति और अहिंसा का संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी देशों को युद्ध की बजाय शांति के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक ऊर्जा संकट समाप्त कर शांति स्थापित नहीं की जाती, तब तक लोहिया वाहिनी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी। इस दौरान लोहिया वाहिनी और समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
