Sonbhadra News: स्थानीय मजदूरों और शिक्षित युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर समाजवादी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन.
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोनभद्र में प्रदेश की भाजपा सरकार और उसके जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधि जिले के मजदूरों की समस्याओं को लेकर संसद और विधानसभा में कोई आवाज नहीं उठा रहे हैं।
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4:24 PM, Jan 4, 2026
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रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर सपा का प्रदर्शन।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोनभद्र में प्रदेश की भाजपा सरकार और उसके जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधि जिले के मजदूरों की समस्याओं को लेकर संसद और विधानसभा में कोई आवाज नहीं उठा रहे हैं। प्रदर्शन का मुख्य कारण हाल ही में सोनभद्र के मजदूरों की मौतें थीं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि हाल ही में तीन मजदूरों के शव बाहर से वापस आए हैं और एक अन्य श्रमिक का शव आज सोनभद्र लाया गया है। इसके बावजूद पार्टी का आरोप है कि यहां के जनप्रतिनिधि इन परिवारों से मिलने या उनकी पीड़ा को सदन में उठाने में विफल रहे हैं।
सपा नेता प्रमोद यादव सवाल उठाया कि क्या मजदूर की मौत की कीमत केवल ₹2,00,000 मुआवजा ही है। पार्टी ने कहा कि मृतक परिवारों को न तो नौकरी मिल रही है और न ही कोई स्थायी सहारा। इसके चलते सोनभद्र के मजदूर बेरोजगारी का सामना करने और पलायन करने को मजबूर हैं। समाजवादी पार्टी ने इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा के जनप्रतिनिधियों को मजदूरों के मुद्दों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। उनकी मुख्य मांग है कि सोनभद्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मजदूरों को काम के लिए बाहर पलायन न करना पड़े।
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उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि विधानसभा में मजदूरों के हक की आवाज ही नहीं उठाते, तो रोजगार कैसे मिलेगा। सपा ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री से केवल खेलों को बढ़ावा देने के नाम पर फंड लाने तक सीमित हैं, जबकि मजदूरों के मुद्दों पर सदन में कोई चर्चा नहीं करते। समाजवादी पार्टी का कहना है कि यदि ये जनप्रतिनिधि विधानसभा में मजदूरों के लिए रोजगार सुनिश्चित कराने की आवाज उठाएं, तो सोनभद्र के मजदूरों को बाहर जाने की मजबूरी नहीं होगी। पार्टी ने भाजपा सरकार के 25 दिन के काम देने के वादे को भी धरातल पर न दिखने वाला बताया, जिसके कारण आज भी मजदूर काम की तलाश में चट्टी-चौराहों पर खड़े हैं।
अल्पसंख्यक सभा के जिला उपाध्यक्ष जुनैद अंसारी ने कहा कि सोनभद्र के लोग रोजगार की तलाश में बाहर जाने को मजबूर हैं। इस दौरान कई बार दुर्घटनाओं में उनकी मौत हो जाती है, और उनके शव सोनभद्र वापस आते हैं। पार्टी ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय युवा और मजदूर बेरोजगार हैं, जबकि बाहरी लोगों को यहां नौकरी मिल रही है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर जनता की समस्याओं से विमुख होकर अपने कार्यों में व्यस्त रहने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन जनप्रतिनिधियों को जगाने और सोनभद्र की गंभीर समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है।



