Sonbhadra News: विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, प्राचार्य ने छात्रों का ज्ञापन किया स्वीकार.
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा के छात्रों ने कॉलेज में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्राचार्य ने ज्ञापन लेकर छात्रों का प्रदर्शन समाप्त कराया और मांगों पर आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय और राज्यपाल को समस्या से अवगत कराकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
sonbhadra
6:06 PM, Aug 30, 2025
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अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते छात्र।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
ओबरा पीजी कॉलेज में छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों की प्रमुख मांगों में रिक्त पदों पर प्रोफेसर की नियुक्ति और लाइब्रेरी में पर्याप्त किताबें शामिल हैं। महाविद्यालय में इंग्लिश, भौतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर नहीं हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले छात्रों को कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं। लाइब्रेरी की स्थिति भी चिंताजनक है।
2021 में मंगाई गई किताबें नाममात्र की हैं और एक समय में केवल 10 छात्र ही लाइब्रेरी का उपयोग कर पाते हैं। प्राचार्य ने छात्रों का ज्ञापन स्वीकार किया है। उन्होंने राज्यपाल को प्रोफेसर नियुक्ति के लिए पत्र भेजने और लाइब्रेरी में अतिरिक्त किताबें मंगाने का आश्वासन दिया है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे पुनः आंदोलन करेंगे।
छात्र नेता सत्येंद्र कुमार यादव ने बताया कि सोनभद्र आदिवासी बहुल्य क्षेत्र है। अनपरा, पिपरी, रेणुकूट, बभनी, म्योरपुर, कोटा, कोन, कचनरवा, चोपन, शाहगंज और जुगैल जैसे दूर-दराज के गांवों से छात्र आते हैं। उन्होंने बस सुविधा की भी मांग की है। एक किसान जो ₹300 दैनिक मजदूरी कमाता है, उसकी आधी कमाई बच्चों के किराए में खर्च हो जाती है। जिससे बच्चे वहां पर रहकर पठन पाठन नहीं कर सकते। नदिया पार करके और कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर आते हैं।
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दुरस्त क्षेत्र से लड़कियां भी महाविद्यालय में पढ़ने आती हैं तो वो सुबह 6:00 बजे महाविद्यालय के लिए निकलती है और 10:00 बजे यहां पहुंचती है और शाम को 5:00 बजे फिर वापस घर जाने के लिए निकलती हैं वाहन न मिलने से बेटी को रास्ते में डर रहता है और उन बच्चीयों के माता पिता को भी भय बना रहता है। हमारी मांग पूरी नहीं होगी तो पूर्व में कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर अब कार्रवाई नहीं होती है तो वृहद आंदोलन के लिए हम बाध्य होंगे।
प्रदर्शन की बाबत प्राचार्य प्रमोद कुमार ने बताया कि छात्र कल से प्रदर्शन कर रहे हैं।महाविद्यालय में वर्तमान में 12 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। भौतिक विज्ञान, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में एक भी शिक्षक नहीं है। पहले इन विषयों में शिक्षक थे, लेकिन ट्रांसफर के बाद पद खाली हो गए। प्राचार्य ने कहा कि इस समस्या से पहले ही शासन को अवगत करा दिया गया है।
पुस्तकालय की स्थिति पर प्राचार्य ने बताया कि हर साल आवश्यकता के अनुसार किताबें मंगाई जाती हैं। डेढ़ साल के अंतराल में नई पुस्तकें आती रहती हैं। कोर्स के अनुसार पुस्तकें उपलब्ध हैं। 75%उपस्थिति के मुद्दे पर प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि यह राज्यपाल का आदेश है। मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से संबद्ध होने के कारण इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।
बस सुविधा की मांग पर प्राचार्य ने कहा कि ओबरा क्षेत्र में डायरेक्ट रूट नहीं है। इस मुद्दे पर एडीएम के साथ भी चर्चा हो चुकी है। प्रशासन को अवगत कराया जाएगा, लेकिन कॉलेज के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वह बस सुविधा उपलब्ध करा सके। प्रदर्शन के दौरान सत्येन्द्र कुमार यादव, संदीप यादव , रत्नेश कुमार तिवारी, राकेश यादव, आनन्द शर्मा, करन कुमार, आर्यन, श्याम, दीपक गुप्ता व अन्य छात्र शामिल रहे।



