Sonbhadra News: जन जागरूकता ही नशा मुक्ति का सशक्त माध्यम: उदय नारायण.
शक्तिनगर स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एनटीपीसी परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता उदय नारायण पांडेय ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को प्रभावित करता है तथा जन जागरूकता ही नशा मुक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
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3:45 PM, May 30, 2026
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एनएसएस की विचार गोष्ठी में स्वयंसेवकों ने लिया नशा मुक्त समाज निर्माण का संकल्प.
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Story By: राजेंद्र गुप्ता, शक्तिनगर।
सोनभद्र।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, एनटीपीसी परिसर शक्तिनगर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम द्वारा शनिवार को नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया तथा अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उदय नारायण पांडेय ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करती है। इसलिए युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहते हुए समाज में इसके खिलाफ जनजागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता ही नशा मुक्ति का सबसे प्रभावी और सशक्त माध्यम है।
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विशिष्ट अतिथि डॉ. विनोद कुमार पाण्डेय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशाखोरी आज समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने युवाओं से बुरी संगति से दूर रहने और अपने समय का सदुपयोग सकारात्मक कार्यों में करने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए युवाओं को अनुचित गतिविधियों, गलत संगत और भ्रामक चैटिंग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में कार्य करे तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इस अवसर पर युवा पत्रकार एवं समाजसेवी रंजीत कुमार राय ने नशाखोरी के विभिन्न स्वरूपों और उसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शक्तिनगर और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी देते हुए कहा कि सामाजिक सहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने नशा मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लेते हुए जनजागरण अभियान को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस इकाई प्रथम के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. छोटे लाल प्रसाद ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ स्वयंसेविका ज्योति ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पंकज गुप्ता, राहुल सोनी, नीरज, समीर, आशुतोष, उज्जवल, संध्या, प्रभा, साक्षी, खुशबू, पूनम, आयशा, शाहीन बानो, अमीषा, तनु सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में नशा मुक्त समाज के निर्माण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
