Sonbhadra News: बिल्ली मारकुंडी में नाली निर्माण पर सवाल, ग्रामीणों ने गुणवत्ताहीन कार्य का लगाया आरोप, सरकारी धन के दुरुपयोग की चर्चा.
ओबरा तहसील क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के खैरटिया टोला में नाली निर्माण कार्य में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली का निर्माण घटिया सामग्री से किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और नाली की टिकाऊपन पर संदेह है।
sonbhadra
1:33 PM, Jan 21, 2026
Share:


घटिया सामग्री के उपयोग से नाली की टिकाऊपन पर संदेह।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
ओबरा तहसील क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के खैरटिया टोला में नाली निर्माण कार्य में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली का निर्माण घटिया सामग्री से किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और नाली की टिकाऊपन पर संदेह है।
ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि घटिया सामग्री के उपयोग के कारण नाली कुछ ही समय में टूट जाएगी और क्षेत्र में दोबारा निर्माण नहीं हो पाएगा, जिससे उनकी समस्या बनी रहेगी।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अमरनाथ उजाला ने बताया कि यह कार्य अल्ट्राटेक कंपनी द्वारा सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत प्राइमरी स्कूल खैरटिया से रमेश सिंह के घर तक कराया जा रहा है। अमर उजाला ने अल्ट्राटेक का आभार व्यक्त करते हुए ठेकेदार द्वारा किए जा रहे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताई।
विज्ञापन
उनके अनुसार, नाली निर्माण में सामग्री सही ढंग से नहीं लगाई जा रही है और ईंटों की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य बिना किसी उचित एस्टीमेट के हो रहा है, जिससे जनहित में कार्य होता नहीं दिख रहा है। मौके पर जांच करने के बाद अमरनाथ उजाला ने बताया कि नाली के नीचे मिट्टी को समतल करके गिट्टी और बस्सी डालने की बात कही गई थी।
हालांकि, खुदाई करने पर केवल डेढ़ इंच का बोल्डर मिला, जिसके ऊपर भस्सी पड़ी थी। इसके बाद ऊपर केवल डेढ़ से दो इंच की हल्की पीसीसी (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) की गई है, जो मानक के अनुरूप नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्य मानकों के विपरीत चल रहा है।
इस संबंध में शिकायत करने पर ग्राम पंचायत प्रतिनिधि अमरेश यादव को मौके पर बुलाया गया। अमरेश यादव ने कहा कि कार्य सही हो रहा है और इसमें कोई टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। इस पर अमरनाथ उजाला ने कहा कि यदि मुखिया कार्य को सही कह रहे हैं, तो मान लिया जाए कि कार्य सही हो रहा है।
लेकिन जनमानस में गुणवत्ताहीन कार्य की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने अभी तक ठेकेदार को देखा नहीं है और कार्य बगैर एस्टीमेट के मौखिक निर्देशों पर हो रहा है।



