Sonbhadra News: जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव में संस्कृति के रंग, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल.
पनारी में जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन हुआ, जहां करमा नृत्य और लोक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कार्यक्रम में मंत्री व अधिकारियों की मौजूदगी में जनजातीय कल्याण और सरकारी योजनाओं पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और रोजगार जैसी समस्याओं को भी उठाया।
sonbhadra
6:45 PM, Sep 22, 2026
Share:


जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव में पहुंचे अतिथियों का स्वागत, उमड़ा जनसैलाब और करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ओबरा।
सोनभद्र।
ग्राम पंचायत पनारी के टोला मैराडाड़ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में मंगलवार को आयोजित जनजाति सांस्कृतिक महोत्सव 2026 में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की आकर्षक झलक देखने को मिली। महोत्सव में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे लोगों और कलाकारों ने लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। मंचीय कार्यक्रम के साथ पारंपरिक करमा पूजा और करमा नृत्य मुख्य आकर्षण रहे। मांदर और ढोलक की थाप पर कलाकारों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। महोत्सव स्थल पर अलग-अलग स्थानों से पहुंचे ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड़, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, कैमूर वन्यजीव प्रभाग की डीएफओ आयुषी मिश्रा सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अतिथियों ने जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। महोत्सव के दौरान सरकारी योजनाओं और जनजातीय समाज के लिए संचालित विकास कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई। वक्ताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की बात कही। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्याओं की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया। ग्रामीणों के अनुसार पनारी क्षेत्र में पेयजल, सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी समस्याएं अभी भी मौजूद हैं। ग्रामीणों ने इन समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। इसके बावजूद महोत्सव में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत को लेकर उत्साह देखने को मिला। करमा गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के दौरान पूरा परिसर लोक संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। आयोजकों के अनुसार ऐसे आयोजनों का उद्देश्य जनजातीय परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना है।



