Sonbhadra News: जिला जेल गुरमा में भावनाओं के साथ मनाया गया रक्षाबंधन, 296 मुलाकाती पहुंचे.
रक्षाबंधन पर जिला जेल गुरमा में बंदियों से मुलाकात के लिए 296 बाहरी लोग पहुंचे। इनमें 216 महिलाएं, एक पुरुष और 79 बच्चे शामिल रहे, जबकि 129 पुरुष व छह महिला बंदियों ने परिजनों से मुलाकात की। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र और खुशहाली की कामना की।
sonbhadra
4:11 PM, Aug 28, 2026
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रक्षाबंधन पर जिला कारागार गुरमा में उमड़ी बहनों की भीड़, बंदी भाइयों को राखी बांधकर मनाया पर्व।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व जिला कारागार गुरमा में भी हर्षोल्लास और भावनात्मक माहौल में मनाया गया। रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने जेल पहुंचीं। बहनों ने भाइयों के माथे पर चंदन-रोरी का तिलक लगाया, राखी बांधी और मिठाई खिलाकर उनके दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि की कामना की। जेल की चारदीवारी के बीच भाई-बहन के मिलन का यह दृश्य कई लोगों के लिए भावुक कर देने वाला रहा। सुबह से ही जिला कारागार के बाहर और मुलाकात स्थल पर परिजनों की भीड़ जुटने लगी। बहनें अपने साथ राखी, मिठाई और अन्य जरूरी सामान लेकर पहुंचीं। मुलाकात के दौरान कहीं बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती नजर आईं तो कहीं बच्चे अपने बंदी परिजनों से मिलने के बाद खुशी जताते दिखाई दिए। रक्षाबंधन के कारण जेल परिसर में दिनभर चहल-पहल बनी रही। जेल प्रशासन के अनुसार 28 अगस्त को कुल 296 बाहरी मुलाकाती जेल पहुंचे। इनमें 216 महिलाएं, एक पुरुष और 79 बच्चे शामिल रहे। कुल 217 वयस्क परिजनों ने जेल में निरुद्ध अपने रिश्तेदारों से मुलाकात की। वहीं 79 बच्चों को भी अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिला। बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने से रक्षाबंधन पर जेल परिसर का माहौल सामान्य दिनों की अपेक्षा अलग नजर आया। इस दौरान जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के भाई भी अपनी बहनों से मिलने पहुंचे।
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उन्होंने बहनों से राखी बंधवाई और यथासंभव उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हाल जाना और पारिवारिक परिस्थितियों पर बातचीत की। लंबे समय बाद मुलाकात का अवसर मिलने से कई बंदी और उनके परिजन भावुक नजर आए। जिला कारागार अधीक्षक अरुण मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। मुलाकात के दौरान व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा गया, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। जेल प्रशासन की ओर से मुलाकातियों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई थी। अधीक्षक ने बताया कि जेल के अधिकारी और कर्मचारियों को भी त्योहारों पर अवकाश नहीं मिल पाता। वे अपने परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करते हैं। इसी तरह बंदी भी जेल में निरुद्ध होने के कारण अपनी बहनों और परिवार के पास नहीं जा पाते। ऐसे में रक्षाबंधन पर उन्हें बहनों से मिलने और राखी बंधवाने का अवसर उपलब्ध कराना उनके लिए विशेष महत्व रखता है। राखी बंधवाते समय कई बंदी भावुक हो गए। उन्होंने इस अवसर को अपने लिए सौभाग्यशाली बताया। आयोजन से जेल का वातावरण भी भावनात्मक और पारिवारिक नजर आया। कार्यक्रम में जेलर अरविंद कुमार सिन्हा, गंगा प्रसाद, गौरव कुमार, गरिमा, काशी प्रसाद समेत अन्य बंदीरक्षक मौजूद रहे।
