Sonbhadra News: बभनी क्षेत्र में तीन स्थानों पर रामलीला का मंचन, कहीं ताड़का वध तो कहीं धनुष भंग की लीला ने मोहा मन.
बभनी क्षेत्र के असनहर, सहगोड़ा और चपकी महुअरिया मोड़ में आयोजित रामलीलाओं में भगवान श्रीराम के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। असनहर में शिव धनुष भंग, सहगोड़ा में ताड़का वध और चपकी में श्रीराम-सीता के प्रथम मिलन की लीला ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। तीनों स्थानों पर जय श्रीराम के जयकारों के बीच भक्तिमय माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
sonbhadra
4:23 PM, Oct 14, 2026
Share:


बभनी क्षेत्र की रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करते कलाकार, दर्शक और आयोजन समिति के सदस्य।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
शारदीय नवरात्र के अवसर पर बभनी क्षेत्र में रामलीला के मंचन से धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना हुआ है। असनहर, सहगोड़ा और चपकी महुअरिया मोड़ में आयोजित रामलीलाओं में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। कहीं शिव धनुष भंग होते ही जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे, तो कहीं ताड़का वध और श्रीराम-सीता के प्रथम मिलन की लीला देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
असनहर में शिव धनुष भंग होते ही गूंजे जय श्रीराम के जयकारे-:
नवयुवक ग्रामीण रामलीला मंडली असनहर की ओर से आयोजित रामलीला के पांचवें दिन मंगलवार को धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया गया। प्रसंग के अनुसार, राजा जनक ने माता सीता के स्वयंवर में शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने वाले वीर से उनका विवाह करने की शर्त रखी थी। अनेक राजा-महाराजा प्रयास के बावजूद धनुष नहीं उठा सके। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते समय धनुष भंग हो गया। यह दृश्य देखते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। इसके बाद माता सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई। व्यास अमर देव पांडेय ने प्रसंगों की प्रस्तुति की। इस अवसर पर सूर्यकांत दूबे, मुकेश कुशवाहा, मेहीलाल, केशव दुबे, अनिल सोनी, उमेश कुशवाहा और मुकुटधारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सहगोड़ा में प्रभु श्रीराम ने किया ताड़का वध-:
विज्ञापन
सहगोड़ा गांव में आयोजित रामलीला के तीसरे दिन मंगलवार को ताड़का वध का मंचन हुआ। इसमें दिखाया गया कि महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले जाने की अनुमति मांगते हैं। वन में पहुंचने पर प्रभु श्रीराम का राक्षसी ताड़का से सामना होता है और वे उसका वध कर ऋषि-मुनियों को भय से मुक्ति दिलाते हैं। युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। मुख्य अतिथि म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोड़ ने भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप की आरती उतारी और कलाकारों को अंगवस्त्र भेंट किया। कार्यक्रम में रामअवतार, सुधीर कुमार, प्रदीप शुक्ला, रमाशंकर तिवारी, राजेश देवांगन, संतोष भारती, उदय गुप्ता और संजय गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
चपकी महुअरिया मोड़ में फुलवारी लीला ने मोहा मन-:
श्री रामलीला कमेटी चपकी महुअरिया मोड़ की ओर से आयोजित रामलीला के पांचवें दिन मंगलवार को जनक फुलवारी और पुष्प वाटिका की लीला का मंचन हुआ। इसमें भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। महर्षि विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे श्रीराम और लक्ष्मण पुष्प वाटिका में जाते हैं, जहां माता सीता अपनी सखियों के साथ गौरी पूजन के लिए पहुंचती हैं। श्रीराम और सीता के प्रथम दर्शन के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर विशाल जायसवाल, रितेश कुमार, रवि कुमार, दुर्गेश सोनी, ललित, नागेंद्र शर्मा, सतीश जायसवाल, संत कुमार और रंजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
तीनों स्थानों पर रामलीला के मंचन ने क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बनाए रखा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण के प्रसंगों का आनंद लिया।


