Sonbhadra News: बाल अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस लाइन चुर्क में समीक्षा बैठक, संरक्षण और पुनर्वास पर जोर.
पुलिस लाइन चुर्क में क्षेत्राधिकारी सदर सुधीर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एसजेपीयू और एएचटीयू की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और बाल अपराधों की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं पुनर्वास सुनिश्चित करने और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए।
sonbhadra
4:51 PM, Oct 26, 2026
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एसजेपीयू और एएचटीयू की मासिक समीक्षा बैठक में बाल अपराधों की रोकथाम एवं बच्चों की सुरक्षा पर चर्चा की गई।
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Story By: विकास कुमार हलचल।
सोनभद्र।
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बाल अपराधों की रोकथाम, बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार में एसजेपीयू (विशेष किशोर पुलिस इकाई) एवं एएचटीयू (मानव तस्करी रोधी इकाई) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। क्षेत्राधिकारी सदर सुधीर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाल अपराधों से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस महानिदेशक, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेश के क्रम में तथा पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों और देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य बाल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के साथ पीड़ित बच्चों को समय पर सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास उपलब्ध कराना रहा। बैठक में किशोर न्याय अधिनियम एवं पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित प्रकरणों में पीड़िताओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर चर्चा की। साथ ही पॉक्सो मामलों में प्रारूप (क) एवं प्रारूप (ख) को नियमानुसार भरने और आवश्यक औपचारिकताएं समय से पूरी करने पर जोर दिया गया। बैठक में बाल विवाह एवं बाल अपराधों की रोकथाम के लिए विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों और किशोर-किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी प्रावधानों तथा बाल विवाह एवं यौन अपराधों से जुड़े कानूनों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। इससे संभावित अपराधों की रोकथाम और पीड़ित बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों और विवेचकों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों के संरक्षण, सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। बैठक में सदस्य बाल कल्याण समिति, डिप्टी सीएमओ, जिला विद्यालय निरीक्षक, चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, बालिका गृह की अधीक्षिका, वन स्टॉप सेंटर सोनभद्र की केंद्र प्रशासक तथा एएचटीयू एवं एसजेपीयू के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही जनपद के सभी थानों में नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में बाल अपराधों की रोकथाम, पीड़ित बच्चों को न्यायिक एवं संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।



