Sonbhadra News: मौत बनकर बढ़ा नदी का पानी, टापू पर फंसे 11 पर्यटकों को पुलिस और ग्रामीणों ने बचाया.
ओबरा थाना क्षेत्र के रेणुका घाट पर सोमवार शाम रेणु नदी के बीच बने टापू पर 11 पर्यटक फंस गए। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने डैम प्रबंधन से समन्वय कर राहत कार्य शुरू कराया।
sonbhadra
6:47 PM, Jun 24, 2026
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रेणुका घाट पर नदी के बीच टापू में फंसे पर्यटक, रात में रेस्क्यू का इंतजार करते दिखे।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
ओबरा क्षेत्र स्थित रेणुका घाट पर सोमवार शाम कुछ पल ऐसे आए, जब 11 पर्यटकों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। रेणु नदी के बीच बने टापू पर घूमने पहुंचे पर्यटक अचानक बढ़े जलस्तर के बीच फंस गए। चारों तरफ से तेजी से बढ़ते पानी ने उनके सुरक्षित लौटने का रास्ता बंद कर दिया। टापू पर मौजूद लोग मदद की आस में नदी के बीच खड़े रहे और उनके परिजनों की सांसें अटक गईं। जानकारी के अनुसार सोमवार शाम 11 पर्यटक रेणुका घाट की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचे थे। घूमते-घूमते सभी लोग नदी के बीच बने टापू तक पहुंच गए। इसी दौरान बांध से पानी छोड़ा गया, जिससे रेणु नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। कुछ ही देर में पानी ने विकराल रूप ले लिया और टापू चारों ओर से नदी की धारा से घिर गया। पानी लगातार बढ़ता देख पर्यटकों में घबराहट फैल गई। अंधेरा भी धीरे-धीरे बढ़ रहा था और बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था। टापू पर फंसे लोग दूर खड़े होकर मदद की गुहार लगाते रहे। इस बीच किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
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वीडियो सामने आते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। सूचना मिलते ही ओबरा पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। अंधेरा और तेज बहाव बचाव अभियान में बड़ी चुनौती बने रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। बताया जाता है कि पुलिस ने डैम प्रबंधन से संपर्क कर पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया कुछ समय के लिए रुकवाई। इसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और जोखिम भरे प्रयासों के बाद एक-एक कर सभी 11 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जब अंतिम पर्यटक भी सुरक्षित किनारे पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। परिजनों के चेहरों पर लौटती मुस्कान और आंखों में छलकते आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि कुछ देर पहले तक सभी एक बड़े हादसे की आशंका से डरे हुए थे। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने रेणुका घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने घाट पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की स्थायी तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसे भयावह क्षणों का सामना न करना पड़े। फिलहाल सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और एक बड़ा हादसा टल गया है।
