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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news savitribai phule s birth anniversary celebrated the struggling life of savitribai phule was highlighted in detail

Sonbhadra News: सावित्रीबाई फुले की मनाई गईं जयंती, सावित्रीबाई फुले के संघर्षपूर्ण जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला गया.

ओबरा के खैरटिया गांव में शनिवार को देश की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा से मनाई गईं।

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6:28 PM, Jan 3, 2026

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Sonbhadra News: सावित्रीबाई फुले की मनाई गईं जयंती, सावित्रीबाई फुले के संघर्षपूर्ण जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला गया.
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नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा से मनाई गईं।

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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।

सोनभद्र।

ओबरा के खैरटिया गांव में शनिवार को देश की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारक एवं नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा, शनिवार की शाम सम्मान और उत्साह के साथ यह बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर जी मूर्ति के पास मनाईं गई। इस अवसर पर लोगों ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों ने सावित्रीबाई फुले के संघर्षपूर्ण जीवन, महिला शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय कनौजिया (जिला महासचिव बसपा) ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन आज भी समाज को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने जिस दौर में बालिकाओं की शिक्षा की अलख जगाई, उस समय समाज में अनेक बाधाएं थीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका संघर्ष आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है और हमें उनके विचारों को ज़मीनी स्तर पर उतारने की जरूरत है।

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वहीं जितेंद्र भारती (ओबरा विधानसभा ज़ोन प्रभारी बसपा) ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाया और नारी सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी। समाजसेवी दिनेश कुमार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले के विचारों पर चलकर ही एक समान, शिक्षित और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद अमर नाथ उजाला ने कहा सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और संविधान के मूल्यों पर चलने का जो सावित्रीबाई फुले का संकल्प था वही संकल्प हम सभी लोगों को लेना चाहिए और उनके दिखाए गए आदर्श मार्गो पर चलना चाहिए तभी समाज का विकास हो सकेगा। अंत में सभी ने सावित्रीबाई फुले के बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आवाहन किया। बता दे कि सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थीं। महाराष्ट्र के सतारा जिले में जन्मीं सावित्रीबाई ने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोला। उस समय महिलाओं की शिक्षा निषिद्ध थी, फिर भी उन्होंने दलित और शूद्र महिलाओं को पढ़ाने का बीड़ा उठाया। 1897 में प्लेग पीड़ितों की सेवा करते हुए उनकी मृत्यु हुई। कार्यक्रम के दौरान चंद्रकांत राव, दीपक विश्वकर्मा, डब्लू रंगीला, बसपा ओबरा नगर अध्यक्ष दीपक विश्वकर्मा, राम अवतार, लालचंद एडवोकेट, जवाहरलाल भारती, दीपक कुमार, गौतम , संदीप व अभिषेक कुमार उपस्थित रहे।


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