Sonbhadra News: ओबरा में नारी शक्ति बंधन अधिनियम पर संगोष्ठी, छात्राओं को किया गया जागरूक.
ओबरा स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने की। नारी शक्ति बंधन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने छात्राओं को राजनीतिक व सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में डॉ. विभा पाण्डेय समेत कई शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं।
sonbhadra
7:32 PM, Apr 30, 2026
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वक्ताओं ने छात्राओं को राजनीतिक व सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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ओबरा स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नारी शक्ति बंधन अधिनियम के तहत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने की। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पुष्पा सिंह ने कहा कि नारी शक्ति बंधन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस कानून के माध्यम से देश की महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और इस तरह के कानूनों के समर्थन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इसी क्रम में भाजपा की निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष रंजना सिंह ने कहा कि सदियों से महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा रही हैं, लेकिन उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम उस असंतुलन को दूर करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। जब महिलाएं राजनीति में आगे आएंगी तो वे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठा सकेंगी। इससे समाज में समानता और समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की छात्राओं को महिला अधिकारों, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। संगोष्ठी में डॉ. विभा पाण्डेय, डॉ. बीना यादव, डॉ. वैशाली शुक्ला, डॉ. संघमित्रा सहित महाविद्यालय की सभी छात्राएं उपस्थित रहीं। अंत में वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाते हैं, जो भविष्य में समाज के सशक्त निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
