Sonbhadra News: मेo अजंता माइन एंड मिनरल्स पर गंभीर आरोप, ब्लास्टिंग के दौरान सड़क जाम और तेज रफ्तार टीपरों से बढ़ा खतरा.
ओबरा-चोपन मार्ग स्थित मेo अजंता माइन एंड मिनरल्स पर ब्लास्टिंग के दौरान सड़क अवरुद्ध करने और तेज रफ्तार टीपरों के संचालन का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे राहगीरों को परेशानी होती है और हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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2:11 PM, May 14, 2026
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ओबरा-चोपन मार्ग पर खड़े टीपर वाहनों से लगा जाम, राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी।
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, ओबरा।
सोनभद्र।
ओबरा-चोपन संपर्क मार्ग स्थित मे. अजंता माइन एंड मिनरल्स एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्थानीय लोगों ने खदान संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अवैध खनन और ब्लास्टिंग के दौरान सड़क अवरुद्ध किए जाने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि खनन क्षेत्र में होने वाली ब्लास्टिंग के समय बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के ओबरा-चोपन मार्ग को रोक दिया जाता है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार ब्लास्टिंग के दौरान कई मिनटों तक सड़क पर वाहनों का आवागमन रोक दिया जाता है। इस दौरान स्कूल से घर जाने वाले बच्चे, बस, ऑटो, नौकरीपेशा लोग, मरीज और आम राहगीर जाम में फंसे रहते हैं। लोगों का सवाल है कि आखिर सार्वजनिक सड़क को इस तरह अवरुद्ध करने की अनुमति खनन कंपनी को किस आधार पर दी गई है। इसके अलावा खदान से निकलने वाले टीपर वाहनों की तेज रफ्तार भी लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है।
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आरोप है कि बोल्डर और गिट्टी से लदे टीपर फर्राटा भरते हुए सड़क पर दौड़ते हैं, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में भी खनन क्षेत्र में टीपर चालकों की लापरवाही से कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। यहां तक कि प्रशासनिक वाहनों के भी टीपरों की चपेट में आने की चर्चाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार ओवरलोड टीपरों से बोल्डर और पत्थरों के टुकड़े सड़क पर गिरते रहते हैं, जिससे बाइक सवारों और राहगीरों के घायल होने का खतरा बना रहता है।
आसपास के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाए, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने तथा ब्लास्टिंग और परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। लोगों का यह भी आरोप है कि खनन विभाग से शिकायत के बावजूद कारगर कदम नहीं उठाये जाते, जिससे ज़ाहिर होता है कि सरकार की मंशा के अनूरुप अधिकारी कार्य नहीं कर रहे। जिस वजह से जीरो टॉरलेन्स की सरकार के साख पर बटा लग रहा।
