Sonbhadra News: बिल्ली-मारकुण्डी खनन पर गंभीर आरोप, खान सुरक्षा निदेशालय से उच्चस्तरीय जांच की मांग.
सोनभद्र के बिल्ली-मारकुण्डी खनन क्षेत्र में कथित अवैध खनन और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। समाजसेवी निर्भय चौधरी ने खान सुरक्षा निदेशालय, वाराणसी को प्रार्थना-पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि स्वीकृत मानकों से अधिक खनन, विस्फोटक नियमों के उल्लंघन, पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी और भूगर्भ जल संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
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11:21 AM, Jul 5, 2026
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बिल्ली-मारकुण्डी खनन क्षेत्र में कथित अनियमितताओं को लेकर खान सुरक्षा निदेशालय से जांच की मांग करते शिकायतकर्ता निर्भय चौधरी।
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, डाला।
सोनभद्र।
बिल्ली-मारकुण्डी खनन क्षेत्र को लेकर एक बार फिर गंभीर शिकायत सामने आई है। समाजसेवी निर्भय चौधरी ने खान सुरक्षा निदेशालय, वाराणसी को प्रार्थना-पत्र भेजकर मेसर्स श्रीराम एसोसिएट्स के खनन पट्टे की उच्चस्तरीय जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पट्टाधारक द्वारा स्वीकृत मानकों और निर्धारित क्षमता से अधिक खनन किया गया है। बिना आवश्यक बेंच निर्माण के 300 से 500 फीट तक गहरी खदान बना दी गई है, जिससे गंभीर सुरक्षा खतरा उत्पन्न हो गया है। साथ ही विस्फोटक नियमों का उल्लंघन, अधिक मात्रा में विस्फोटक सामग्री के उपयोग, बड़े पैमाने पर खनिज परिवहन, श्रम सुरक्षा नियमों की अनदेखी तथा भूगर्भ जल अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना खनन संचालन जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिल्ली-मारकुण्डी खनन क्षेत्र में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर खनन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार की "सुशासन" और "जीरो टॉलरेंस" की नीति के बावजूद स्थानीय स्तर पर शिकायतों का अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अवैध एवं मानकों के विपरीत संचालित खनन की वास्तविक जानकारी शासन और मुख्यमंत्री तक सही तरीके से नहीं पहुंचाई जाती, जिसके कारण समय रहते कार्रवाई नहीं हो पाती। शिकायतकर्ता के अनुसार यदि खनन पूरी तरह नियमानुसार हो और राजस्व की सही वसूली की जाए, तो सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है, जिसका उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया जा सकता है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण सरकार की खनन नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में भी एक खनन अधिकारी का स्थानांतरण कार्यप्रणाली को लेकर हुआ था तथा वर्तमान व्यवस्था पर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रार्थना-पत्र में खान सुरक्षा निदेशालय से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों को नामित करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पट्टाधारक और अन्य जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होने से भविष्य में खनन दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी और कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होगा। अब देखने वाली बात होगी कि खान सुरक्षा निदेशालय और संबंधित विभाग शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित विभाग अथवा पट्टाधारक की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।



