Sonbhadra News: सोनभद्र खदान हादसा: मजिस्ट्रेट जांच शुरू, अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र जांच अधिकारी नियुक्त, 15 नवंबर को हुआ था हादसा.
ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुण्डी पत्थर खदान में 15 नवंबर को एक बड़ा हादसा हुआ। दोपहर में अचानक पहाड़ का एक हिस्सा धंस गया, जिससे कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी बी. एन. सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
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7:43 PM, Nov 20, 2025
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कुल 8.79 एकड़ क्षेत्र में फैली खदान में कई खामियों उजागर होने की आशंका।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
जिले के ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुण्डी पत्थर खदान में 15 नवंबर को एक बड़ा हादसा हुआ। दोपहर में अचानक पहाड़ का एक हिस्सा धंस गया, जिससे कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी बी. एन. सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश चन्द्र को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी।
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यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 3:30 से 4:30 बजे के बीच उस समय हुआ, जब मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित 10 वर्षीय खनन पट्टे में काम चल रहा था। अचानक पहाड़ का एक विशाल हिस्सा टूटकर गिरा और कई मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। देर रात तक चले बचाव अभियान में अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कुछ मजदूर फसे होने का दावा मज़दूर के दावे पर कांग्रेस पार्टी कह रही है। यह खदान कुल 8.79 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जिसके पार्टनर मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी बताए जाते हैं। यह आराजी संख्या 4823, 4821, 4814, 4847, 4848 सहित कई खंडों में विस्तृत है।
हादसे के बाद ओबरा के उपजिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच की अनुशंसा की थी, जिसे जिलाधिकारी ने तत्काल मंजूरी दे दी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के संकेत मिले हैं। खदान में सुरक्षा उपकरणों और निगरानी व्यवस्था की कमी को भी हादसे का एक कारण माना जा रहा है। मजिस्ट्रेट जांच में इन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है। हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है और मजदूर संगठनों ने खनन कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



