Sonbhadra News: सोनभद्र की बेटी जीवंतिका अब चांद के रहस्यों पर करेंगी शोध, चीन सरकार देगी पूरी छात्रवृत्ति.
दुद्धी की जीवंतिका कुमारी का चयन चीन के पेकिंग विश्वविद्यालय में ग्रह विज्ञान में पीएचडी के लिए हुआ है। चीन सरकार की पूर्ण छात्रवृत्ति पर वह चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों, क्रेटरों और रडार डेटा का अध्ययन करेंगी। बीएचयू से एमएससी के बाद प्रकाशित शोध-पत्र और GATE-2026 में ऑल इंडिया रैंक 133 ने उनके अंतरराष्ट्रीय शोध सफर की राह खोली।
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6:05 PM, Sep 27, 2026
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दुद्धी की बेटी जीवंतिका ने पेकिंग विश्वविद्यालय में ग्रह विज्ञान की पीएचडी शुरू कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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आदिवासी पिछड़े जिले सोनभद्र के दुद्धी नगर के छोटे से कस्बे की बेटी जीवंतिका कुमारी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका चयन चीन के प्रतिष्ठित पेकिंग विश्वविद्यालय, बीजिंग में ग्रह विज्ञान (Planetary Science) में पीएचडी के लिए हुआ है। खास बात यह है कि जीवंतिका को चीन सरकार की ओर से पूरी छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। उन्होंने 30 अगस्त की शाम भारत से चीन के लिए प्रस्थान किया और 31 अगस्त की सुबह पेकिंग विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर पीएचडी शुरू की। जीवंतिका का शोध मुख्य रूप से चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों, क्रेटरों और रडार डेटा के अध्ययन पर केंद्रित रहेगा। वह चंद्र रिमोट सेंसिंग और ग्रह विज्ञान के क्षेत्र में शोध करेंगी। उनका उद्देश्य चंद्रमा और अन्य ग्रहों की सतह को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने के साथ अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में योगदान देना है। बता दे कि जीवंतिका की प्रारंभिक शिक्षा दुद्धी के योरर्स इंग्लिश स्कूल से हुई, जहां उन्होंने एलकेजी से कक्षा चार तक पढ़ाई की। कक्षा चार में उन्होंने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने केसरी देवी कनोडिया रेनुकूट कॉन्वेंट स्कूल, जेम्स इंग्लिश स्कूल दुद्धी और डीसी लुईस मेमोरियल स्कूल मुरधवा से शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2021 से 2023 तक उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भू-विज्ञान में बीएससी और वर्ष 2024-25 में बीएचयू के भू-विज्ञान विभाग से एमएससी पूरी की। बीएचयू में अध्ययन के दौरान उनकी रुचि रिमोट सेंसिंग और जीआईएस के माध्यम से ग्रहों की सतह के अध्ययन में बढ़ी। उन्होंने चंद्रमा के रॉबर्टसन क्रेटर के भू-आकृतिक एवं खनिजीय अध्ययन पर शोध किया। इसी विषय से संबंधित उनका एक शोध-पत्र Advances in Space Research जर्नल में प्रकाशित हो चुका है, जबकि दूसरा शोध-पत्र पीयर रिव्यू प्रक्रिया में है। उन्होंने GATE-2026 जियोलॉजी एंड जियोफिजिक्स में ऑल इंडिया रैंक 133 हासिल की। जीवंतिका के पिता जीवन राम चंद्रवंशी अधिवक्ता और माता ज्योति देवी गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दी। उनके बड़े भाई जीवांशु कुमार बीटेक के बाद टीसीएस में चयनित हुए हैं, जबकि छोटे भाई जिज्ञांशु कुमार कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर रहे हैं। जीवंतिका अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को देती हैं। उनकी उपलब्धि से दुद्धी क्षेत्र में खुशी का माहौल है।



