Sonbhadra News: राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुईं सोनभद्र की शिक्षिका मीरा सिंह.
सोनभद्र के चोपन स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह की सहायक अध्यापिका मीरा सिंह का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ है। प्रदेश स्तर पर चयनित 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची में मीरा सिंह का नाम शामिल है। नवाचारी शिक्षण, रचनात्मक टीएलएम और गतिविधि आधारित शिक्षा के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है।
sonbhadra
6:56 PM, Aug 31, 2026
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मेधावी प्रतियोगी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल व पुरस्कार देकर सम्मानित करते शिक्षक।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का क्षण है। विकासखंड चोपन के उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह की सहायक अध्यापिका मीरा सिंह का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया है। राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठकों में लिए गए निर्णय के क्रम में जारी सूची में उनका नाम शामिल है। शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार प्रदेश के कुल 61 शिक्षक-शिक्षिकाओं को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए अनुमोदित किया गया है। मीरा सिंह ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), सोनभद्र से बीटीसी प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद वर्ष 2011 में प्राथमिक विद्यालय चोपन में नियुक्त होकर अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2015 में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय यादव बस्ती में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्ष 2025 में हुए समायोजन के बाद वर्तमान में वह उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह, विकासखंड चोपन में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। मीरा सिंह की पहचान एक रचनात्मक और नवाचारी शिक्षिका के रूप में है। वह आर्ट एंड क्राफ्ट तथा रचनात्मक टीएलएम के माध्यम से विद्यार्थियों की अधिगम क्षमता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करती हैं। कठिन और जटिल विषयों को गतिविधियों, मॉडल, चित्रों, कला और प्रयोगों से जोड़कर बच्चों के लिए सरल एवं सहज बनाने की उनकी शिक्षण शैली विशेष रूप से प्रभावी मानी जाती है। उनकी कक्षा में गतिविधि आधारित और करके सीखने की पद्धति को विशेष महत्व दिया जाता है। बच्चों को विषय की अवधारणाओं को स्वयं अनुभव करने तथा गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है। रचनात्मक टीएलएम के जरिए वह अमूर्त एवं कठिन अवधारणाओं को बच्चों के अनुभवों से जोड़ती हैं, जिससे उनमें जिज्ञासा, सहभागिता, कल्पनाशीलता और सीखने की रुचि विकसित होती है। शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से समर्पित भाव से कार्य करते हुए मीरा सिंह ने शिक्षण को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चों की क्षमताओं को पहचानकर उन्हें रचनात्मक तरीके से विकसित करने पर जोर दिया। वर्ष 2011 में शुरू हुआ उनका शिक्षकीय सफर अब राज्य शिक्षक पुरस्कार तक पहुंचा है। उनका चयन उनके समर्पण, नवाचार और बाल-केंद्रित शिक्षण दृष्टिकोण का सम्मान होने के साथ ही सोनभद्र के लिए भी गौरव की उपलब्धि है। मीरा सिंह के चयन पर विद्यालय परिवार, शिक्षक समुदाय और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सोनभद्र एवं समस्त बेसिक शिक्षा परिवार की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं।
