Sonbhadra News: सपा ने सरकार पर लगाया साधु-संतों के अपमान का आरोप, 2027 में सरकार बदलने का आह्वान.
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को स्वर्ण जयंती चौक पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, अधर्म, अनीति और दुराचार के विरोध में 27 शंख बजाकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अधर्म, अनीति और दुराचार बढ़ा है।
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3:47 PM, Jan 27, 2026
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महंगाई, बेरोजगारी और अपराध का आरोप लगाकर सपा का विरोध प्रदर्शन।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को स्वर्ण जयंती चौक पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, अधर्म, अनीति और दुराचार के विरोध में 27 शंख बजाकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने किया। सपा नेता ने कहा प्रयागराज में छोटे बटुकों की कथित पिटाई की घटना को 'इतिहास का काला अध्याय' करार दिया। उन्होंने सरकार पर जाति से जाति लड़ाकर सत्ता हथियाने का काम करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अधर्म, अनीति और दुराचार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई दर बढ़ रही है, युवा बेरोजगार हैं और महिला अपराधों में वृद्धि हुई है। यादव ने माघ मेले में साधु-संतों के कथित अपमान का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने सरकार की 'सनातन विरोधी' नीति का प्रमाण बताया। सपा नेताओं ने 2027 में 'शंखनाद' और 'उद्घोष' के माध्यम से इस सरकार को बदलने का आह्वान किया। प्रमोद यादव ने युवाओं, किसानों, पीडीए समाज और महिला शक्ति से एकजुट होकर 2027 में भाजपा सरकार को बदलने का आग्रह किया। प्रमोद यादव ने सरकार पर माघ मेले में साधु-संतों का अपमान करने का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला अपराध बढ़ रहे हैं, बेरोजगारी चरम पर है और नौजवानों को पीटा जा रहा है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकारों पर युवाओं में 'जहर घोलने' और तरह-तरह के नियम-कानून लाने का आरोप लगाया, जिसमें यूजीसी कानून का भी जिक्र किया। प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि सरकार समाज में 'जहर घोलने' का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले हिंदू-मुसलमान को लड़ाया गया और अब हिंदू-हिंदू को लड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने छोटे ब्राह्मणों की शिखा पकड़कर उन्हें पीटा है, जिसे इतिहास में 'काले अक्षरों' में लिखा जाएगा। इस मौके पर पूर्व नगर उपाध्यक्ष सुरेश अग्रहरी, कमलेश यादव और गोपाल गुप्ता सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



