Sonbhadra News: ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन, आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा तैयारियों का आकलन मुख्य उद्देश्य.
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को परखने, आपातकालीन परिस्थितियों में विभागीय समन्वय की क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जनपद सोनभद्र में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
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8:32 PM, Jan 23, 2026
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फायर सर्विस और मेडिकल टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रभावी अभ्यास किया।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर 23 जनवरी 2026 को सोनभद्र जिले में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा तैयारियों का आकलन, आपातकालीन समन्वय और आमजन को सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करना था। इस मॉक ड्रिल में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO), अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी यातायात सहित प्रशासन, पुलिस व सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मेडिकल, सिविल डिफेंस, आपदा मित्र, एनसीसी, स्काउट एवं गाइड, राजस्व अधिकारी, पुलिस और फायर सर्विस की टीमें भी सक्रिय रूप से शामिल थीं। यह मॉक ड्रिल पुलिस लाइन चुर्क में पूर्वाभ्यास के तौर पर की गई, जिसमें पूरी तरह से ब्लैक आउट करते हुए बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। आवासीय परिसरों में रहने वाले कर्मियों और उनके परिवारजनों को पहले से सूचित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। ड्रिल के दौरान नागरिकों को अपने कमरों में रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने, मोबाइल फ्लैश टॉर्च का उपयोग न करने, लिफ्ट व वाहन संचालन प्रतिबंधित रखने और बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगजनों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए गए थे।
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ब्लैक आउट मॉक ड्रिल में घर में आग लगने की आपात स्थिति का भी प्रदर्शन किया गया। फायर सर्विस और रेस्क्यू टीम ने आग में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, धुएं से बचाव के उपाय और त्वरित राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। मेडिकल टीम ने आग से झुलसने, धुएं से दम घुटने और अन्य चोटों की स्थिति में प्राथमिक उपचार के आवश्यक उपायों की जानकारी दी। मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए ड्रिल प्रभारी, विद्युत आपूर्ति बंद करने वाली टीम, नियंत्रण एवं निगरानी टीम, अफवाह नियंत्रण टीम, सुरक्षा एवं गश्त टीम, प्राथमिक उपचार टीम और रेस्क्यू टीम सहित विभिन्न विभागीय टीमें गठित की गई थीं। फायर सर्विस और मेडिकल टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रभावी अभ्यास किया। ड्रिल के दौरान सायरन के माध्यम से विभिन्न चेतावनी संकेत प्रसारित किए गए। इनमें ब्लैक आउट की घोषणा, पूर्ण ब्लैक आउट संकेत, ऑल क्लियर संकेत और ब्लैक आउट समापन की घोषणा शामिल थी। यह मॉक ड्रिल पूरी तरह से एक पूर्वाभ्यास थी। इसका मुख्य लक्ष्य आपदा या आपात स्थिति में प्रशासन, पुलिस और सहयोगी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। साथ ही, आमजन को जागरूक, अनुशासित और सुरक्षित व्यवहार के लिए तैयार करना भी इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य था। जनपद प्रशासन और पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे भविष्य में भी इस तरह के अभ्यासों में सहयोग करें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।



