Sonbhadra News: बुलडोजर से प्रतीकात्मक ध्वस्तीकरण की हुई कार्रवाई, आयोजकों ने 26 अक्टूबर तक नहीं हटाया मेला, विधायक खेल महाकुंभ बाधित!
रॉबर्ट्सगंज स्थित हाइड्रिल मैदान में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में प्रदर्शनी स्थल पर प्रतीकात्मक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनी के बाहर लगी बांस-बल्लियां और बिजली के खंभे हटाए गए। कुछ देर बाद इस कार्रवाई को रोक दिया गया, लेकिन आयोजकों को जल्द से जल्द मैदान खाली करने के निर्देश दिए गए।
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11:30 PM, Oct 31, 2025
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निर्धारित समय सीमा के बाद भी मैदान खाली नहीं करने पर हुई प्रतीकात्मक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
रॉबर्ट्सगंज स्थित हाइड्रिल मैदान में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में एक प्रदर्शनी स्थल पर प्रतीकात्मक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कुछ देर बाद इस कार्रवाई को रोक दिया गया, लेकिन आयोजकों को जल्द से जल्द मैदान खाली करने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनी के बाहर लगी बांस-बल्लियां और बिजली के खंभे हटाए गए।
दरअसल, हाइड्रिल मैदान में पिछले दो महीने से एक मेला प्रदर्शनी लगी हुई थी। आयोजकों ने इसे हटाने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर बताई थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी मैदान खाली नहीं किया गया। इस देरी से सदर विधायक भूपेश चौबे भी नाराज थे। मैदान उपलब्ध न होने के कारण विधायक ने अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठकर ही खिलाड़ियों के नामांकन फॉर्म भरने शुरू कर दिए थे।
यह मैदान 'विधायक खेल महाकुंभ' के आयोजन के लिए आवश्यक है। यदि प्रदर्शनी समय पर नहीं हटाई जाती, तो इस महत्वपूर्ण आयोजन में बड़ी बाधा आ सकती थी। बुलडोजर की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि आयोजक जल्द ही मैदान खाली कर देंगे। मौके पर मौजूद सदर विधायक भूपेश चौबे ने बताया कि यह कार्रवाई सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर की गई है।
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इस मौके पर देश भर में 'एकता दौड़' और एक महीने तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में कई वर्षों से खेलकूद का आयोजन होता रहा है, जिसमें खेल महाकुंभ की प्रतियोगिताओं के लिए सरदार पटेल की जयंती पर पंजीकरण होता है और 25 दिसंबर (अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन) से खेल शुरू होकर 12 जनवरी (विवेकानंद के जन्मदिन) पर समाप्त होते हैं।
विधायक ने यह भी बताया कि प्रदर्शनी लगने के दौरान ही संबंधित अधिकारियों को समय पर मैदान खाली करने के लिए अवगत करा दिया गया था, लेकिन 26 अक्टूबर की समय सीमा के एक सप्ताह बाद भी मैदान खाली नहीं किया गया, जिसके कारण एकता दौड़ मैदान के किनारे-किनारे करनी पड़ी और पंजीकरण सड़क पर करने को मजबूर होना पड़ा।
सदर विधायक भूपेश चौबे ने इस दौरान कहा हमारे साथ किसान भाई भी हैं और उन्होंने कहा है कि अगर यह खेल मैदान खाली नहीं होता है तो हम खेल मैदान उपलब्ध कराएंगे, हम किसानों का खेत नौजवानों के लिए समर्पित है। भूपेश चौबे ने यह भी कहा खेल मैदान पर कहीं भी कब्जा है तो उसको खाली कराया जाएगा।



