Sonbhadra News: तसर रेशम उत्पादन बढ़ाने को किसानों को दी गई तकनीकी जानकारी.
बभनी के डुमरहर और मुनगाडीह में ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0’ के तहत तसर रेशम जागरूकता एवं तकनीकी प्रदर्शन कार्यक्रम हुआ। वैज्ञानिक डॉ. हरेन्द्र यादव ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से तसर कीटपालन और उत्पादन बढ़ाने की तकनीक बताई। वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक कोया उत्पादन करने वाले किसान रामखेलावन को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
sonbhadra
6:40 PM, Aug 28, 2026
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तसर रेशम उत्पादन को लेकर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी देते विशेषज्ञ।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी क्षेत्र में केन्द्रीय रेशम बोर्ड भारत सरकार और राज्य रेशम विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से "मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0" कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत शुक्रवार को राजकीय रेशम फार्म डुमरहर में तसर रेशम जागरूकता का एक दिवसीय कार्यक्रम और फार्म मुनगाडीह में तकनीकी प्रदर्शन कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह आयोजन केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान पिस्का नगड़ी, रांची के वैज्ञानिक डॉ. हरेन्द्र यादव के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुनगाडीह की ग्राम प्रधान श्रीमती गुड़िया देवी थीं। सोनभद्र के सहायक रेशम विकास अधिकारी पंकज कुमार ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और कार्यक्रम का संचालन किया। कृषकों को विभागीय सहायता योजनाओं, सहकारी समिति के माध्यम से रेशम से आय अर्जित करने, बीजागार संचालन कर रेशम कीटाणु उत्पादन, धागाकरण और रेशम के साथ अन्य बहुउद्देशीय कार्यों से होने वाली आय के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें वर्तमान वर्ष में रेशम विकास विभाग द्वारा लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर, वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक कोया उत्पादन करने वाले कृषक श्री रामखेलावन को अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. हरेन्द्र यादव ने चाकी कीटपालन के महत्व, चाकी प्लॉट की तैयारी, सावधानियों और कीटपालन के दौरान जीवन सुधा एवं एलएसएम घोल बनाने तथा छिड़काव का प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों को तसर रेशम उत्पादन में वृद्धि के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। सभी वक्ताओं ने वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर कीटपालन करने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान गुड़िया देवी ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ तसर की खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में सहायक रेशम विकास अधिकारी सोनभद्र पंकज कुमार के साथ किसान रामानंद, मोहन प्रसाद, चंद्रदेव, रामलोचन, राजाराम, कामेश्वर प्रसाद, रामलखन और राजकुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।



