Sonbhadra News: नवागत एसडीएम से मिले तहसील अधिवक्ता, पारदर्शी व्यवस्था पर हुई चर्चा.
ओबरा तहसील के नवागत उपजिलाधिकारी रवि कुमार पासवान से सोमवार को तहसील अधिवक्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और आम जनता की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण पर चर्चा हुई। एसडीएम ने अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनके सुझावों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया।
sonbhadra
7:54 PM, Jul 27, 2026
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नवागत उपजिलाधिकारी रवि कुमार पासवान से अधिवक्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारी शिष्टाचार मुलाकात करते।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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ओबरा तहसील के नवागत उपजिलाधिकारी रवि कुमार पासवान ने पदभार ग्रहण करने के बाद सोमवार को तहसील अधिवक्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिवक्ता संघर्ष समिति के संयोजक उमेश चंद शुक्ला ने नवागत एसडीएम को समिति की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता और प्रशासन का साझा उद्देश्य आम नागरिक को समय पर न्याय और राहत प्रदान करना है। समिति के सदस्य दिनेश पांडेय ने तहसील में फाइलों के निस्तारण, पैमाइश, दाखिल-खारिज और उत्तराधिकार जैसे कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे वादकारियों को बार-बार तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एसडीएम रवि कुमार पासवान ने आश्वासन दिया कि उनका प्रयास रहेगा कि तहसील का कामकाज पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ हो। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके सुझावों को प्रशासन गंभीरता से लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व और न्यायिक कार्यों में किसी भी प्रकार के विलंब या अव्यवस्था की स्थिति में अधिवक्ता संघर्ष समिति सीधे उनके संज्ञान में ला सकती है। इसके लिए तहसील स्तर पर नियमित संवाद की व्यवस्था स्थापित की जाएगी। समिति ने तहसील परिसर में रजिस्ट्री ऑफिस, बरसात के पानी के बहाव, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और गेट जैसी समस्याओं पर भी चर्चा की। एसडीएम पासवान ने इन समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र में शांति बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी विवाद की स्थिति में त्वरित संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जा सकता है, जिसमें अधिवक्ता संघर्ष समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इस अवसर पर एस के जैन, संजय द्विवेदी, गजेंद्र यादव, कमलेश यादव, सुशील पांडेय, डी के जौहरी, हरेन्द्र सिंह, मनीष मिश्रा, अनुपम कुमार, वीरेंद्र पांडेय और मनोज पाठक सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
