Sonbhadra News: दुबई में बैठा कथित सरगना, सोनभद्र सहित विभिन्न राज्यों में बिछा रखा था साइबर ठगी का जाल.
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 16/2026 में कार्रवाई करते हुए शेयर ट्रेडिंग में 8 से 10 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर 10.70 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने Botbro, Crossmarket और Minecrypto नाम से फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म संचालित कर लोगों से निवेश कराया।
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8:22 PM, Jul 1, 2026
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10.70 लाख की साइबर ठगी का खुलासा करते पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, गिरफ्तार चार आरोपियों के साथ।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में साइबर क्राइम थाना सोनभद्र में मुकदमा अपराध संख्या-16/2026 दर्ज किया गया है। मामले में धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान धारा 336(3), 338 एवं 340(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने Botbro, Crossmarket और Minecrypto नाम से अलग-अलग ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों को 8 से 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया। इसी झांसे में चोपन निवासी दीपक कुमार वर्मा से 10 लाख 70 हजार रुपये का निवेश कराया गया। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि जांच के दौरान गिरोह के चार एजेंट सुफियान, मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग जमीन स्तर पर लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराते थे और बाद में रकम को अलग-अलग खातों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसफर कर देते थे। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के कथित मुख्य सरगना लवि चौधरी का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान में दुबई में रह रहा है। पुलिस उसके संबंध में जानकारी जुटा रही है। एसपी ने यह भी बताया कि उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर महंगी गाड़ियों और आलीशान जीवनशैली का प्रदर्शन कर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया जाता था। पुलिस के अनुसार जांच में एक बैंक खाते में पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन का पता चला है। इस वित्तीय लेनदेन के विभिन्न पहलुओं की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और निजी क्षेत्र में कार्यरत कई लोगों को भी निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाया। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
