Sonbhadra News: नमामि गंगे परियोजना में ठेकेदार की घोर लापरवाही, खोदे गए गड्ढे में गिरकर चोटिल हो रहे बच्चे, वृद्ध व जानवर.
हर घर जल योजना के तहत हो रहे कार्यो में बीजपुर में ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आ रही है। कई बार कहने पर भी स्थित जस की तस बनी हुई है। संस्था की लापरवाही से बच्चे, बुजुर्ग व जानवर तथा बाइक सवार चोटिल हो रहे। मामले को लेकर जीवीपीआर कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीपाल रेड्डी को फोन किया जाता है लेकिन वो फोन रिसीव नहीं करते।
sonbhadra
8:06 PM, Sep 20, 2025
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ठेकेदार की लापरवाही बड़े दुर्घटना को दे रही दावत।
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Story By: नीरज गुप्ता, बीजपुर।
सोनभद्र।
सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के हर घर जल योजना के तहत हो रहे कार्यो में बीजपुर में ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आ रही है। ठेकेदार द्वारा ग्राम सभा डोड़हर व बीजपुर के पुनर्वास टोले के विभिन्न गली मोहल्ले में निर्मित आर सी सी रोड को तोड़कर पाइप डालने का कार्य महीनों से किया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा कई गली मुहल्ले में सड़क तोड़कर बनाए गए नालियों को खुला छोड़ दिया गया है और कई इलाकों में खोदे गए नाली नुमा गड्ढे में पाइप डालकर ऊपर से मिट्टी तो भर दिया गया है।
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परन्तु सड़क तोड़ने से निकले हुए बड़े-बड़े पत्थर के टुकड़ों को सड़क पर जहां तहां छोड़ दिया गया है। वहीं जिन नालियों में मिट्टी भरी गई है वह भी बारिश के पानी की वजह से बैठ गई है। जिससे आरसीसी सड़क में लगे सरिया ऊपर की ओर नुकीले निकले हुए दिखाई दे रहे हैं। जिसमें फंसकर कई बच्चे, बुजुर्ग व जानवर तथा बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। लेकिन ठेकेदार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है की टूटी हुई सड़क का पुनर्निर्माण या मरम्मत करा दिया जाये।
जबकि परियोजना निदेशक द्वारा ठेकेदार को सख्त निर्देश है कि पाइप डालने के लिए जहां भी सड़कों को खोदा या तोड़ा जाएगा उसे पुनर्निर्माण कर पहले जैसी स्थिति में ठेकेदार को ही बनाना होगा। ठेकेदार की मनमानी से ग्रामीणों में आक्रोश है ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सड़कों पर व गलियों में जहां-तहां पड़े सड़क के टूटे हुए टुकड़ों, पत्थरों को हटवाकर सड़क की मरम्मत कराने व पाइप डालने के खुली छोड़ी गई नालियों जल्द पाइप डालकर बंद कराने की मांग किया है। शीघ्र इस पर संज्ञान लेकर कार्यवाई नहीं की गई तो कभी भी बड़ी दुर्घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता। इस संबंध में जानकारी के लिए जीवीपीआर कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीपाल रेड्डी को फोन किया गया परन्तु फोन रिसीव नहीं हुआ।



