Sonbhadra News: तस्करी का तरीका बदला, लेकिन सोनभद्र पुलिस की पैनी नजरों से नहीं बच पाए तस्कर.
एंबुलेंस में छिपाकर ले जाया जा रहा 81 किलो 300 ग्राम गांजा सोनभद्र के हाथीनाला में पुलिस ने बरामद किया। हाथीनाला पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ की संयुक्त टीम ने चालक समीर सरकार को गिरफ्तार किया। बरामद गांजे की कीमत करीब 41 लाख रुपये, जबकि एंबुलेंस समेत कुल बरामदगी करीब 48 लाख रुपये की बताई गई है।
sonbhadra
4:12 PM, Aug 25, 2026
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एंबुलेंस में छिपाकर ले जाई जा रही 81 किलो 300 ग्राम गांजे की खेप के साथ गिरफ्तार तस्कर, पुलिस ने बरामद की 41 लाख रुपये की नशीली खेप।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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तस्करी का तरीका बदला, लेकिन सोनभद्र पुलिस की पैनी नजरों से तस्कर नहीं बच पाए। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हाथीनाला पुलिस और एएनटीएफ यूनिट लखनऊ की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एंबुलेंस में छिपाकर ले जाया जा रहा 81 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 41 लाख रुपये बताई गई है। एंबुलेंस समेत बरामद सामान की कुल कीमत करीब 48 लाख रुपये है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम दुद्धी मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक एंबुलेंस को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को एंबुलेंस के केबिन में एल्युमिनियम की चादर के नीचे गुप्त कैबिनेट बना हुआ मिला। कैबिनेट खोलने पर उसमें 36 टेपशुदा बंडल बरामद हुए। जांच करने पर बंडलों में कुल 81 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा मिला। पुलिस ने एंबुलेंस चालक समीर सरकार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का रहने वाला बताया गया है। उसके कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1100 रुपये नकद भी बरामद किए गए।पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि गांजा ओडिशा के सम्बलपुर से एंबुलेंस में लोड कर भेजा गया था और उसे सुल्तानपुर पहुंचाना था। वहां पहुंचने के बाद एक अज्ञात व्यक्ति एंबुलेंस से गांजा उतार लेता था और इसके बदले आरोपी को पैसे दिए जाते थे। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि नशे की तस्करी रोकने के लिए जिले में लगातार चेकिंग और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। तस्करों द्वारा परिवहन के लिए नए-नए तरीके अपनाने के बावजूद पुलिस तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से उन पर नजर बनाए हुए है।
