Sonbhadra News: डबल इंजन की सरकार को आईना दिखाते ग्रामीणों की स्वयं की पहल, 150 मीटर कच्ची और अच्छी सड़क का किया निर्माण.
रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के नई गांव में ग्रामीणों ने खुद पहल करते हुए भिक्षाटन और श्रमदान के माध्यम से 150 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया है। आजादी के 78 वर्ष बाद भी यह गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण की योजना पास हुई थी। लेकिन ठेकेदार ने कुछ हिस्से का निर्माण करके पूरा फंड हड़प लिया।
sonbhadra
12:52 PM, Sep 20, 2025
Share:


रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के नई गांव में युवाओं ने दिखाया सरकार को आईना।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के नई गांव में डबल इंजन की सरकार को आईना दिखाते हुए ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए 150 मीटर सड़क का निर्माण किया है। कहा जाता है ना देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है परेशानियों से जूझ रहे ग्रामीणों ने दशरथ मांझी से प्रेणा ली और चंदा इकट्ठा कर और श्रमदान मात्र से सड़क का यह कार्य पूरा किया।
आजादी के 78 वर्ष बाद भी नई गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। बीमार व्यक्ति को खटिया पर ले जाना पड़ता है। एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। आवागमन का सुलभ साधन न होने की वजह से रिश्तेदार गांव में आने से कतराते है।
इसलिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क की झूठी उम्मीद करना व्यर्थ है। युवाओं का गुस्सा सरकार के प्रति इस कदर था कि उन्होंने यहां तक कर डाला कि पंडित मदन मोहन मालवीय की तरह भिक्षाटन कर अपने गांव की सड़क बनाने का निर्णय विकास की नीव लिख नई इबारत लिखेंगे।
गांव के नौजवानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि बरसात के समय ऐसा हाल हो जाता है कि लोग ड्यूटी जाने से पहले बच्चों को कंधे पर बैठाकर और जूते हाथ में लेकर दूरी तय कर स्कूल में पहुंचाते हैं त्योहारों के समय रोड से न होकर खेत के मेड़ से होकर आना पड़ता है कोई यहां पर आना ही नहीं चाहता रक्षाबंधन पर बहनों को सबसे ज्यादा दिक्कतें होती है।
विज्ञापन
जबकि स्थानीय अधिकारियों से लेकर जिले के बड़े अधिकारियों तक रोड बनवाने की बात पहुंचाई गई लेकिन विकास के नाम पर हमारे हाथ खाली ही रह गए। प्रधान की कोशिश भी नाकाम साबित हो गई देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है।
तो इसलिए हम युवा आगे बढ़ चढ़कर चंदा-भीख मांग कर अच्छी व्यवस्था रोड को लेकर करेंगे। अगर डीएम कार्यालय पर धरना देने से बात बनी तो ठीक नहीं तो फिर आगे देखा जाएगा। दीक्षा लेकर सड़क बनवाएंगे जो करना होगा किया जाएगा।
युवा वर्ग अब जाग चुका है गांव के विकास को लेकर हर कोशिश की जाएगी और सुनहरे भविष्य की कल्पना पूरी की जाएगी। क्षेत्र में विकास को लेकर रोड जरूर पास हुआ था लेकिन ठेकेदार की मनमानी और स्थानी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की उदासीनता की वजह से रोड कुछ ही दूरी तक बना और बाकी का छोड़ दिया गया।
बोर्ड लगा दिया गया दिखाने के लिए और रोड निर्माण का पैसा निकाल लिया गया। विधायक का बोर्ड लगा है और उनके खाते में एक और विकास फिजूल का जुड़ गया। रोड निर्माण को लेकर अधिकारी कहते हैं कि काम हो जाएगा।
25-26 साल से हम रोड की स्थिति ऐसे ही देख रहे हैं लेकिन कुछ होगा नहीं तो अपना हक लेने के लिये अब हम धरना देंगे। ग्रामीणों ने जिले के अलाधिकारीयों और सरकार से मांग की है कि वादों के अनुसार ग्रामीणों को वो सभी मूलभूत सुविधाए दी जाये जिनका वो हकदार है।



