Sonbhadra News: स्मार्ट व प्रीपेड मीटर के खिलाफ लोगों में दिखा भारी आक्रोश, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन.
ओबरा तहसील के कोटा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। स्मार्ट मीटर और भारी बिजली बिल से लोग परेशान। कई टोले अब भी बिजली और पानी से वंचित। कनहर नदी सूखने से बढ़ा जल संकट। ग्रामीणों ने शीघ्र समाधान की मांग की।
sonbhadra
2:26 PM, May 4, 2026
Share:


ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
विज्ञापन
जनपद के चोपन विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटा के ग्रामीणों ने विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से कई गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्मार्ट एवं प्रीपेड विद्युत मीटर को सबसे बड़ी समस्या बताया। इस दौरान दीपू शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोग निवास करते हैं, जो इन मीटरों की जटिल प्रक्रिया को समझने और भारी भरकम बिलों का भुगतान करने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन 5 से 10 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। शिकायतों के बावजूद विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सोनभद्र जैसे औद्योगिक और विद्युत उत्पादन के प्रमुख जिले में भी कई टोले आज तक बिजली सुविधा से वंचित हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जहां बिजली उपलब्ध है, वहां भी आपूर्ति अनियमित है और गलत बिलिंग की समस्या बनी हुई है। वहीं, अमवार बांध के निर्माण के बाद कनहर नदी में जल प्रवाह लगभग समाप्त हो गया है, जिससे क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लोग और पशु-पक्षी पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सप्ताह में एक-दो दिन डैम का पानी छोड़ा जाए, ताकि नदी में जल प्रवाह बना रहे और आसपास के जीव-जंतु व ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीण नेता दीपू शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत के कई टोलों में हैंडपंप और बोरिंग तक की सुविधा नहीं है, जिससे लोग पहाड़ी पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इन समस्याओं का संज्ञान लेते हुए स्थलीय निरीक्षण कर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
