मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news there will be relief from waterlogging in robertsganj 4 46 km long drain will be built with rs 23 62 crores

Sonbhadra News: रॉबर्ट्सगंज में जलभराव से मिलेगी राहत, 23.62 करोड़ से बनेगा 4.46 किमी लंबा नाला.

रॉबर्ट्सगंज नगर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए डीएमएफ फंड से 23.62 करोड़ रुपये की लागत से 4.46 किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कराया जाएगा। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की पहल पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन के आधार पर ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है। परियोजना के तहत आरसीसी नालियां, कल्वर्ट, साइफन, रेलवे और नहर क्रॉसिंग सहित अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे।

sonbhadra

7:58 PM, Jul 15, 2026

Share:

Sonbhadra News: रॉबर्ट्सगंज में जलभराव से मिलेगी राहत, 23.62 करोड़ से बनेगा 4.46 किमी लंबा नाला.
logo

रॉबर्ट्सगंज में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित ड्रेनेज परियोजना स्थल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी चर्चित गौड़।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।

सोनभद्र।

बरसात के दौरान रॉबर्ट्सगंज नगर में होने वाली जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड से 23.62 करोड़ रुपये की लागत वाली 4.46 किलोमीटर लंबी ड्रेनेज परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। परियोजना का उद्देश्य नगर में आधुनिक एवं स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करना है। जिलाधिकारी ने बताया कि नगरवासियों की शिकायतों के बाद इमरती कॉलोनी, पुसौली-बढ़ौली चौराहा और मिशन अस्पताल के सामने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया था। इसके बाद जल जीवन मिशन (शहरी) के अधिकारियों की टीम गठित कर वैज्ञानिक आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। टीम ने विस्तृत फिजिबिलिटी स्टडी, लेवल सर्वे, हाइड्रोलॉजी, कंटूर मैप, सैटेलाइट सर्वे और पिछले 30 वर्षों के वर्षा आंकड़ों का विश्लेषण कर ड्रेनेज नेटवर्क का डिजाइन तैयार किया। अध्ययन के दौरान तीन संभावित ड्रेनेज मार्गों का परीक्षण किया गया। पहला विकल्प नीलकंठ रेस्टोरेंट से चुर्क रोड तक था, लेकिन भूमि का स्तर ऊंचा होने के कारण गुरुत्वाकर्षण आधारित जल निकासी संभव नहीं पाई गई।

विज्ञापन

Img

दूसरा विकल्प पुसौली पोखरा मार्ग था, जिसे प्राकृतिक आउटफॉल नहीं मिलने के कारण तकनीकी रूप से अनुपयुक्त माना गया। तकनीकी अध्ययन में तीसरा विकल्प, नीलकंठ रेस्टोरेंट से कचहरी ड्रेन रूट, सबसे उपयुक्त और व्यवहारिक पाया गया। इस मार्ग पर प्राकृतिक ढाल होने के कारण वर्षा जल बिना पंपिंग के कचहरी ड्रेन होते हुए सजौर पोखरा के पास मुख्य सिंचाई नाले तक पहुंचेगा, जिससे नगर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। परियोजना के तहत लगभग 4.46 किलोमीटर लंबी आरसीसी नालियों का निर्माण, कल्वर्ट, रेलवे एवं नहर क्रॉसिंग, साइफन, विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग तथा पेयजल पाइपलाइन के स्थानांतरण सहित सभी आवश्यक आधारभूत कार्य किए जाएंगे। परियोजना की मूल निर्माण लागत 17.95 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि डिजाइन, जीएसटी, श्रम उपकर और अन्य मदों सहित कुल लागत 23.62 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि नगरवासियों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन के आधार पर तैयार इस परियोजना के माध्यम से भविष्य में रॉबर्ट्सगंज को एक सुदृढ़, आधुनिक और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.