Sonbhadra News: बारिश से टमाटर, खीरा और करेला की फसल तबाह, किसानों को लाखों का नुकसान.
बभनी और म्योरपुर क्षेत्र में लगातार बारिश से टमाटर, खीरा, करेला, बरबटी और लौकी की फसलें जलभराव के चलते तबाह हो गईं। ड्रिप इरिगेशन से खेती करने वाले किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ, कर्ज चुकाने का संकट भी खड़ा हो गया है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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3:21 PM, Sep 4, 2026
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बारिश और जलभराव से खेतों में खड़ी टमाटर की फसल हुई तबाह, खेतों में बिखरे नजर आए सड़े हुए टमाटर।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी ब्लॉक के चैनपुर, पोखरा और म्योरपुर ब्लॉक के धरतीडाड क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पानी भर जाने से सब्जी की लहलहाती फसलें सड़ गई हैं। इससे बड़े पैमाने पर खेती करने वाले किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा मार उन किसानों पर पड़ी है, जिन्होंने आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से सब्जी की खेती में अपनी पूंजी लगाई थी। प्रभावित किसानों में संतोष कुमार दुबे, धर्मेंद्र जायसवाल, जय कुमार सिंह, लेखंशु गुप्ता, रामा, संतोष गुप्ता, मुन्नी लाल गुप्ता और मंशाराम गुप्ता समेत कई किसान शामिल हैं। इन किसानों ने ड्रिप इरिगेशन (टपका सिंचाई) विधि का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर सब्जी की बंपर पैदावार का सपना देखा था। लेकिन खेतों में जलभराव के कारण उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई है। लगातार बारिश और खेतों में पानी भरने से बाजार में ज्यादा मांग वाली कई प्रमुख फसलें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। इनमें टमाटर, खीरा, बरबटी, लौकी और करेला की फसलें पूरी तरह गलकर नष्ट हो गई हैं। खेतों में खड़ी उड़द और तिली (तिल) की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ड्रिप विधि से खेती के लिए किसानों ने अच्छे बीज, खाद, महंगे उपकरण और अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा निवेश किया था। फसल कटाई के लिए तैयार थी, तभी कुदरत की इस मार ने सब कुछ तबाह कर दिया। अब इन किसानों के सामने परिवार के भरण-पोषण के साथ-साथ बैंक और साहूकारों का कर्ज चुकाने का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बभनी और म्योरपुर क्षेत्र के पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के बड़े अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द गांवों में जाकर खेतों में हुए नुकसान का सर्वे कराया जाए। इससे संकट में फंसे किसानों को उचित मुआवजा मिल सकेगा और वे इस आर्थिक तंगी से बाहर निकल पाएंगे। पंचायत सहायक अधिकारी कृषि नीरज कुमार साहू ने बताया कि जिन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा हुआ है, वे अपनी शिकायत दर्ज कराएं।



