Sonbhadra News: आदिवासियों का वन विभाग के बढ़ते कथित अत्याचारों का विरोध, बैठक आयोजित कर हक दिए जाने की मांग.
चोपन ब्लॉक स्थित ग्राम सभा पनारी के टोला जुड़वानी में मंगलवार को आदिवासियों पर वन विभाग के बढ़ते कथित अत्याचारों के विरोध में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ओबीसी कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष सेतराम केशरी और ओबीसी कांग्रेस सोनभद्र के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष दिनेश कुमार यादव सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
sonbhadra
4:39 PM, Mar 3, 2026
Share:


वन विभाग अत्याचार नहीं रुकेगा तो कांग्रेस आंदोलन करने पर होगी मजबूर- कांग्रेस नेता सेतराम केसरी।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
विज्ञापन
चोपन ब्लॉक स्थित ग्राम सभा पनारी के टोला जुड़वानी में मंगलवार को आदिवासियों पर वन विभाग के बढ़ते कथित अत्याचारों के विरोध में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ओबीसी कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष सेतराम केशरी और ओबीसी कांग्रेस सोनभद्र के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष दिनेश कुमार यादव सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग उनकी बोई हुई फसल पर जबरन जेसीबी चलाकर उसे बर्बाद कर रहा है। मना करने पर कर्मचारियों द्वारा गाली-गलौज की जाती है। उनका कहना था कि इस भाजपा सरकार में गरीब आदिवासियों का जीना मुश्किल हो गया है, क्योंकि वन विभाग सरकार के इशारे पर उनके बच्चों के पेट पर लात मारने जैसा व्यवहार कर रहा है।आदिवासियों ने यह भी बताया कि वन विभाग आए दिन उन पर मुकदमे दर्ज करने पर आमादा रहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि वे अपने बच्चों का भरण-पोषण करें या वन विभाग द्वारा काटे गए मुकदमों का जुर्माना भरें। ग्रामीणों ने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो उनके पास आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। इस पर सेतराम केशरी ने सरकार से अपील की कि यदि देश के किसी भी दलित, आदिवासी, गरीब, पिछड़े या वंचित व्यक्ति पर सरकार के इशारे पर वन विभाग अत्याचार करेगा, तो कांग्रेस आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएगी। उन्होंने मांग की कि गरीब आदिवासी समाज के लोगों को जीने का पूरा अधिकार दिया जाए और उन पर कहर बरसाने की कोशिश न की जाए, बल्कि उन्हें उनका हक दिया जाए। वहीं, कांग्रेस नेता के पूछने पर डाला वन रेंज के अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन विभाग की है और इस पर पेड़ लगाकर जंगल ही बनाया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार, वे लगभग 30 साल से इन जमीनों पर काबिज हैं। बैठक में देवलाल, चरकु गोड़, रघुवीर गोड़, धर्मदेव गोड़, जगदेव, काशी, रामदेव, अमर सिंह, संगीता देवी, शांति देवी, प्रमिला देवी, मुनिया, रजवंती, चंद्रावती, बसंती, सविता, सावित्री, देवकली, हीरानी, रामकली, गुलाबी देवी, सोमरी देवी, रामबहाल, दुर्गा देवी, शिव कुमारी, सतवंत, रामधारी, अमरेश सहित तमाम ग्रामीण उपस्थित रहे।



