Sonbhadra News: ओबरा में दो दिवसीय तीर्थंकर महावीर कल्याणक महोत्सव सम्पन्न, भव्य रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब.
ओबरा नगर में जैन समुदाय द्वारा दो दिवसीय तीर्थंकर महावीर कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। केंद्र दिगंबर जैन मंदिर से सुभाष चौराहा तक भव्य रथ यात्रा निकाली गई, जिसमें 50 से 80 श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान महावीर के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम सुगंध जैन के सानिध्य में सम्पन्न हुआ, जबकि अध्यक्षता प्रसंग जैन, अशोक जैन, कुलदीप जैन, संदीप जैन एवं प्रमोद जैन ने की।
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10:24 PM, Mar 30, 2026
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महोत्सव में अहिंसा, सत्य और सद्भाव का संदेश दिया गया।
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, ओबरा।
सोनभद्र।
जनपद के ओबरा नगर में जैन समुदाय द्वारा तीर्थंकर महावीर कल्याणक महोत्सव दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। तीर्थंकर महावीर समिति, केंद्र दिगंबर जैन मंदिर ओबरा के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। महोत्सव के पहले दिन मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, अभिषेक और प्रवचन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के सिद्धांतों-अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम-को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूसरे दिन महोत्सव का मुख्य आकर्षण भव्य रथ यात्रा रही। रथ यात्रा का शुभारंभ दिगंबर जैन मंदिर ओबरा से हुआ, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सुभाष चौराहा तक पहुंची।
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इस दौरान करीब 50 से 80 श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान महावीर के जयकारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया। श्रद्धालु हाथों में ध्वज और धार्मिक प्रतीक लिए हुए चल रहे थे, जिससे पूरा माहौल आस्था में डूबा नजर आया। इस आयोजन की अध्यक्षता प्रसंग जैन, अशोक जैन, कुलदीप जैन, संदीप जैन एवं प्रमोद जैन ने संयुक्त रूप से की। वहीं कार्यक्रम का संचालन सुगंध जैन के सानिध्य में सम्पन्न हुआ, जो प्रयागराज के निवासी हैं। उनके मार्गदर्शन में पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान महावीर के संदेशों को आज के समय में अपनाने पर बल दिया और समाज में शांति, सद्भाव एवं भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की। आयोजन में अनुशासन और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। दो दिवसीय इस महोत्सव ने ओबरा नगर को पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग दिया और श्रद्धालुओं के मन में भक्ति एवं उल्लास का संचार किया।
