Sonbhadra News: किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा का अनोखा प्रदर्शन, किसानों को बांटे छाते.
रॉबर्ट्सगंज स्थित मंडी समिति में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। तेज धूप में सैकड़ों किसानों को छाते वितरित किए गए। संयोजक संदीप मिश्र ने खरीद व्यवस्था और सरकारी नीतियों पर सवाल उठाए। किसानों को कम दाम पर गेहूं बेचने और लंबी कतारों की समस्या बताई गई। चेतावनी दी गई कि व्यवस्था नहीं सुधरी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
sonbhadra
5:16 PM, Apr 24, 2026
Share:


मंडी समिति में राहत के साथ सरकार की नीतियों पर तीखा हमला, खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
विज्ञापन
जनपद मुख्यालय स्थित बड़ी क्रय केंद्र मंडी समिति में शुक्रवार को किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने अनोखे अंदाज में किसानों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मंडी परिसर में मौजूद सैकड़ों किसानों को छाते वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य जहां किसानों को राहत पहुंचाना था, वहीं इसके माध्यम से सरकार की नीतियों और खरीद व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए गए। कार्यक्रम के दौरान मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं और जमीनी स्तर पर उनका अपेक्षित लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। संदीप मिश्र ने विशेष रूप से फार्मर रजिस्ट्रेशन और खसरा सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं को अत्यधिक जटिल बना दिया गया है, जिससे किसानों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी में खरीद व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित है। लंबी-लंबी कतारों में खड़े किसानों को कई दिनों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था के चलते कई किसान मजबूरी में अपना गेहूं औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचने के लिए विवश हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ किसानों ने 20 से 21 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं बेचा, जो उनके लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। मोर्चा संयोजक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खरीद प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई और सभी किसानों का गेहूं समय पर नहीं खरीदा गया, तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मंडी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इस मौके पर रामयश मौर्य, दिलीप पटेल, रमेश कुशवाहा, चरणजीत कहार, बेचू बियार, संतोष पटेल, विजय यादव, आकाश चौहान, सत्रुधन बिंद, दिनेश चेरो, अरविंद चौहान और सूरज कनौजिया सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम केवल छाता वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों की नाराजगी, संघर्ष और अपनी समस्याओं को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा।
