Sonbhadra News: NTPC परियोजना में मजदूरों का हंगामा, 12 घंटे काम और 8 घंटे की मजदूरी का आरोप.
सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन परियोजना में सोमवार को मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि उनसे रोजाना 12 घंटे काम कराया जा रहा है, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे का ही किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सुबह करीब 10 बजे से बड़ी संख्या में श्रमिक हड़ताल पर बैठ गए।
sonbhadra
6:34 PM, Mar 16, 2026
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सपा नेता ने कहा कंपनी 12 घंटे की काम की एवज में 8 घंटे की मज़दूरी देता है।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन परियोजना में सोमवार को मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि उनसे रोजाना 12 घंटे काम कराया जा रहा है, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे का ही किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सुबह करीब 10 बजे से बड़ी संख्या में श्रमिक हड़ताल पर बैठ गए। मजदूरों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। कई बार परियोजना प्रबंधन से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, जिससे श्रमिकों में नाराजगी बढ़ती चली गई। आखिरकार नाराज मजदूरों ने परियोजना परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए परिसर में हंगामे जैसी स्थिति भी बन गई। मजदूरों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि परियोजना में स्टेज-3 के तहत भेल (BHEL) कंपनी के अधीन काम करने वाले मजदूर भी इस हड़ताल में शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए परियोजना प्रबंधन और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे और मजदूरों को शांत कराने की कोशिश की। अधिकारियों और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मुकेश सिंह ने कहा कि एनटीपीसी सिंगरौली में भेल कंपनी के तहत काम करने वाले मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों से 12 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन भुगतान 8 घंटे का ही दिया जाता है। साथ ही जो मजदूर अपने हक की बात करते हैं, उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया जाता है। मुकेश सिंह ने कहा कि स्थानीय मजदूरों की जगह अन्य राज्यों से सस्ते मजदूर लाकर काम कराया जा रहा है, जिससे श्रमिकों का शोषण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मजदूरों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर उनके आंदोलन में सहयोग किया जाएगा। फिलहाल प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी है। यदि मजदूरों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह श्रम कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है, जिस पर संबंधित विभागों द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है।



