Sonbhadra News: चकबकदरी सानी में वन भूमि कब्जे की जांच के दौरान हंगामा.
बभनी के चकबकदरी सानी में आठ बीघा वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की जांच करने पहुंची संयुक्त टीम के सामने हंगामा हो गया। सीमांकन के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों में तीखी नोकझोंक हुई। लेखपाल के अनुसार वन भूमि पर कब्जे की पुष्टि हुई है, लेकिन पानी भरा होने से शनिवार को सीमांकन पूरा नहीं हो सका।
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6:12 PM, Sep 12, 2026
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चकबकदरी सानी में वन भूमि की जांच के दौरान मौके पर मौजूद राजस्व व वन विभाग की टीम और ग्रामीण
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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विकास खंड बभनी के ग्राम पंचायत चकबकदरी सानी में आठ बीघा वन भूमि पर भूमाफिया द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत की जांच करने पहुंची राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम के सामने ही शनिवार को हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। जांच के दौरान ही शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार और भूमाफिया पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक व हंगामा हुआ। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।गौरतलब है कि चकबकदरी सानी गांव निवासी महेंद्र कुमार ने उप जिलाधिकारी दुद्धी और डीएफओ रेणुकूट से लिखित शिकायत कर आरोप लगाया था कि गांव में वन विभाग की करीब आठ बीघा सुरक्षित भूमि पर भूमाफिया द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इस गंभीर शिकायत का संज्ञान लेते हुए शनिवार को राजस्व और वन विभाग की एक संयुक्त टीम मौके पर जमीन का सीमांकन करने पहुंची थी। टीम जैसे ही मौके पर जमीन की नापी की तैयारी करने लगी, तभी शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार और आरोपी पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। राजस्व और वन कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया और सरकारी कार्य में बाधा न डालने की चेतावनी दी। इस संबंध में मौके पर मौजूद लेखपाल राम नारायण वैश्य ने बताया कि विवादित जमीन का कुछ हिस्सा वन विभाग और कुछ काश्त (निजी खेती) दोनों में दर्ज है। वन भूमि पर बकायदा क्यारी बनाकर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में खेतों में धान की फसल खड़ी है और उसमें अत्यधिक पानी भरा होने के कारण शनिवार को सीमांकन का कार्य पूरा नहीं किया जा सका। पानी सूखने के बाद दोबारा सीमांकन किया जाएगा। लेखपाल के मुताबिक, फिलहाल दोनों पक्षों को विवाद के स्थायी समाधान के लिए नक्शा तरमीम (संशोधन) कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान ग्रामीण शम्भू नाथ, शिवनाथ, अनिरुद्ध प्रसाद, राम स्वरूप गुप्ता, ईश्वर प्रसाद नंद लाल सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और बन विभाग राजस्व विभाग की टीम मौजूद थी।



