Sonbhadra News: सीबीएसई परीक्षा केंद्र पर छात्राओं से कलावा-ताबीज उतरवाने पर हंगामा.
चुर्क स्थित स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्राओं से हाथ का कलावा, ताबीज और गले की माला उतरवाने का मामला सामने आया है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट गाइडलाइन के धार्मिक प्रतीक हटवाए गए, जिससे छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हुईं। एबीवीपी ने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और कार्रवाई की मांग की।
sonbhadra
1:32 PM, Feb 28, 2026
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अभिभावकों समेत पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के बीच चुर्क स्थित स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर छात्राओं से हाथ का कलावा, ताबीज और गले की माला उतरवाए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर अभिभावकों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि परीक्षा देने पहुंचीं कई छात्राओं के हाथ से कलावा काट दिया गया तथा गले की माला व लॉकेट उतरवा लिए गए। अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर ऐसी कोई स्पष्ट गाइडलाइन प्रदर्शित नहीं की गई थी, न ही सीबीएसई के एडमिट कार्ड पर इस तरह का कोई निर्देश अंकित है। अभिभावको ने बताया कि छात्राओं की जांच की समुचित व्यवस्था नहीं है। छात्राओं के लिए अलग से चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं की गई है और चेकिंग खुले में की जा रही है, जिससे वे असहज महसूस कर रही हैं। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान इस तरह की कार्रवाई से बच्चों पर मानसिक दबाव बन रहा है, जिससे परीक्षा प्रभावित हो सकती है। अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने आए अभिभावक बाबूलाल ने कहा कि “ताबीज और रक्षा धागा पहनने से बच्चों को मानसिक संबल मिलता है। इसे उतरवाने से बच्चियां परेशान हो गईं। सीसीटीवी निगरानी में परीक्षा हो रही है, ऐसे में धागे या ताबीज से नकल की संभावना कैसे हो सकती है?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन छात्राओं के अभिभावक मौके पर मौजूद नहीं थे, उनके भी ताबीज उतरवा लिए गए। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत खेलो भारत सह संयोजक मृगांग दुबे ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से परीक्षा देने आए विद्यार्थियों ने संगठन को इसकी सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि “सीबीएसई की गाइडलाइन में कलावा या साधारण माला पहनने पर कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है। केंद्र पर छात्राओं और छात्रों की जांच अगल-बगल की जा रही थी, जिससे छात्राएं असहज महसूस कर रही थीं। छात्राओं की जांच अलग कक्ष में होनी चाहिए।” एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि मामले को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के संज्ञान में लाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों से वार्ता भी हुई है और कार्रवाई का आश्वासन मिला है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से या शिक्षा विभाग सोनभद्र से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
