Sonbhadra News: रिश्वत लेने का वीडियो वायरल! कानूनगो पर निलंबन की संस्तुति, लेखपाल हटाए गये.
दुद्धी तहसील के मझौली गांव में अंश निर्धारण और पत्थरगड़ी के नाम पर कथित रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर कानूनगो के निलंबन की संस्तुति की गई है, जबकि संबंधित लेखपाल को उसके कार्यक्षेत्र से हटा दिया गया है।
sonbhadra
6:44 PM, Jun 5, 2026
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अंश निर्धारण और पत्थरगड़ी के नाम पर कथित रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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तहसील दुद्धी के मझौली गांव से सामने आए एक वायरल वीडियो ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंश निर्धारण और पत्थरगड़ी जैसे राजस्व संबंधी कार्यों के नाम पर एक काश्तकार से कथित रूप से रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों पर अंश निर्धारण एवं पत्थरगड़ी के कार्य के एवज में धनराशि लेने के आरोप लगाए गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद उपजिलाधिकारी दुद्धी निखिल कुमार यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित कानूनगो के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी सोनभद्र को भेज दी गई है। वहीं मामले में क्षेत्रीय लेखपाल की भूमिका भी संदेह के घेरे में आने पर उसे तत्काल प्रभाव से उसके वर्तमान कार्यक्षेत्र से हटा दिया गया है। प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व विभाग में खलबली मची हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि जिले में भूमि विवादों और राजस्व मामलों के निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी सहित उच्च अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्पष्ट निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद रिश्वतखोरी और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। मझौली गांव का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर किसानों और काश्तकारों से जुड़े राजस्व कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। फिलहाल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच तेज कर दी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
