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Sonbhadra News: ‘कुत्ता’ के पर्यायवाची में ‘झबरुआ’ पढ़ाने का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने जांच के दिए संकेत.

कंपोजिट स्कूल झिरगाडंडी के शिक्षक से जुड़ा ‘कुत्ता’ के पर्यायवाची पढ़ाने का वीडियो वायरल। वीडियो में ‘कलुआ’ और ‘झबरुआ’ शब्द बताए जाने पर शिक्षण पद्धति पर सवाल उठे। एबीएसए लोकेश मिश्रा ने कहा—ऐसी पढ़ाई जायज नहीं, शिक्षक की उपस्थिति की भी जांच होगी।

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11:18 AM, Sep 24, 2026

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Sonbhadra News:  ‘कुत्ता’ के पर्यायवाची में ‘झबरुआ’ पढ़ाने का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने जांच के दिए संकेत.
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कंपोजिट स्कूल झिरगाडंडी में बच्चों को पढ़ाते शिक्षक और कक्षा में पढ़ाई करते विद्यार्थी।

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Story By: विकास कुमार हलचल।

सोनभद्र।

कंपोजिट स्कूल झिरगाडंडी में बच्चों को हिंदी पढ़ाने से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षक की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में शिक्षक बच्चों को ‘कुत्ता’ के पर्यायवाची शब्द बताते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में ‘कलुआ’ और ‘झबरुआ’ जैसे शब्दों का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि क्या बच्चों को हिंदी व्याकरण के अनुरूप सही जानकारी दी जा रही है। हिंदी के मानक शब्दकोशों में ‘झबरा’ का अर्थ लंबे, घने या बिखरे बालों वाला बताया जाता है। ऐसे में ‘झबरा कुत्ता’ शब्द का प्रयोग तो आम बोलचाल में होता है, लेकिन इसे सीधे ‘कुत्ता’ का पर्यायवाची मानने पर भाषाई सवाल खड़े होते हैं। कुत्ता के प्रचलित पर्यायवाची शब्दों में श्वान, कुक्कुर, शुनक और सारमेय आदि शामिल हैं।

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वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर शिक्षक की कार्यशैली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वहीं शिक्षक के लंबे समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने संबंधी आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर एबीएसए लोकेश मिश्रा ने कहा कि इस तरह की पढ़ाई जायज नहीं है। उन्होंने बताया कि शिक्षक के विद्यालय आने-जाने और उपस्थिति से संबंधित मामले की भी जांच कराई जाएगी। बता दे कि संबंधित शिक्षक शिक्षक संघ से जुड़े हैं और पदाधिकारी होने के कारण कभी-कभी अवकाश पर रहते हैं। अब वायरल वीडियो और शिक्षक की उपस्थिति से जुड़े आरोपों की विभागीय जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। सवाल यह है कि वायरल वीडियो में बच्चों को दी जा रही जानकारी किस आधार पर बताई गई और क्या विद्यालय में शिक्षण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है।


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