Sonbhadra News: आबादी के बीच संचालित पत्थर खदान के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ब्लास्टिंग रुकवाकर किया प्रदर्शन.
सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया गांव में आबादी के पास संचालित पत्थर खदान के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ब्लास्टिंग के दौरान उड़ रहे पत्थरों से नाराज ग्रामीणों ने खदान पहुंचकर हंगामा किया और काम बंद करा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पत्थर घरों की छत और आंगन तक पहुंच रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। विरोध के दौरान खदान कर्मचारी मौके से भाग निकले।
sonbhadra
6:20 PM, Jul 17, 2026
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खैरटिया गांव में पत्थर खदान की ब्लास्टिंग के विरोध में प्रदर्शन कर खनन कार्य रुकवाते ग्रामीण।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया गांव में आबादी के समीप संचालित पत्थर खदान के खिलाफ शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ब्लास्टिंग के दौरान उड़ रहे पत्थरों और लगातार हो रहे धमाकों से परेशान ग्रामीण बड़ी संख्या में खदान पर पहुंच गए और जमकर हंगामा करते हुए खनन कार्य बंद करा दिया। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर खदान प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में की जा रही ब्लास्टिंग के दौरान बड़े-बड़े पत्थर उड़कर उनके घरों की छतों और आंगनों तक पहुंच रहे हैं। इससे गांव के लोगों में हर समय भय का माहौल बना रहता है। उनका कहना है कि बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हमेशा हादसे की आशंका में रहते हैं। कई बार बाल-बाल बचने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद खदान प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई के अभाव में खदान संचालकों के हौसले बुलंद हैं और आबादी के बीच लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ को देखकर खदान कर्मचारी मौके से भाग निकले। आरोप है कि कर्मचारी विस्फोटक सामग्री भी वहीं छोड़कर चले गए। इसके बाद ग्रामीणों ने खदान परिसर में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खनन कार्य पूरी तरह बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आबादी के समीप ब्लास्टिंग तत्काल नहीं रोकी गई और खदान संचालन को गांव से दूर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
उनका कहना है कि विकास के नाम पर ग्रामीणों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आबादी के निकट संचालित खदान पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।



