Sonbhadra News: एसीसी अडानी प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का हल्ला बोल, मांगों को लेकर धरना जारी.
सलाईबनवा-पनारी स्थित एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट के बाहर ग्रामीणों का क्रमिक धरना जारी है। प्रदर्शनकारी स्थानीय युवाओं को रोजगार, सीएसआर कार्यों में पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के समय किए गए रोजगार के वादे पूरे नहीं हुए। साथ ही जर्जर सड़कों, भारी वाहनों के आवागमन और मूलभूत सुविधाओं की समस्या भी उठाई गई।
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4:43 PM, Jul 23, 2026
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एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट के बाहर स्थानीय रोजगार और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर क्रमिक धरने पर बैठे ग्रामीण।
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, डाला।
सोनभद्र।
सोनभद्र के सलाईबनवा-पनारी स्थित एसीसी अडानी प्लांट के बाहर ग्रामीणों का क्रमिक धरना प्रदर्शन बुधवार से जारी है। गुरुवार को भी यह प्रदर्शन जारी रहा, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनकी मुख्य मांग स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराना है।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कंपनी से स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने मजदूरों को निर्धारित दर से मजदूरी, ईपीएफ, बोनस, ईएसआई और आकस्मिक अवकाश जैसी सुविधाएं लागू करने की भी अपील की। ग्रामीणों ने शिक्षा, चिकित्सा और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की मांग उठाई। उन्होंने विद्यालय समय में कंपनी में आने-जाने वाले भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने और सड़क किनारे खड़े ट्रकों के लिए पार्किंग की उचित व्यवस्था करने की भी बात कही।
अन्य मांगों में सीएसआर फंड से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच, प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव और प्लांट के ठेकों की जानकारी समाचार पत्रों में प्रकाशित कर स्थानीय लोगों को अवसर देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, निर्धारित क्षेत्र में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
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प्रदर्शनकारी चंद्र शेखर साहनी ने कहा "हमारी मांग है कि कंपनी अपने सभी ठेकों और निविदाओं की जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि स्थानीय लोगों को भी अवसर मिल सके। भूमि अधिग्रहण के समय रोजगार के जो आश्वासन दिए गए थे, उन्हें अब पूरा किया जाए। भारी वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था हो, जिससे गांवों में जाम और दुर्घटनाएं न हों। स्कूल आने-जाने के समय भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जाए। कंपनी स्थानीय युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था करे, ताकि वे रोजगार के योग्य बन सकें। क्षेत्र में पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। हम प्रशासन और कंपनी से बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं। हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि स्थानीय जनता के अधिकार और क्षेत्र का विकास सुनिश्चित कराना है।"
क्षेत्र पंचायत सदस्य अवधेश कुमार ने बताया "हमारा धरना कल से लगातार जारी है। हमारी मुख्य मांग है कि एसीसी प्लांट सीएसआर के तहत स्थानीय जनता की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता दे। क्षेत्र की सड़कें जर्जर हैं और भारी वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्लांट और रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल से ग्रामीण प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, ईएसआई, बोनस और अन्य सुविधाएं पारदर्शी तरीके से मिलनी चाहिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की राय लेकर सीएसआर कार्य कराए जाएं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और प्रदूषण नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाए। धरना शुरू होने के बाद भी कंपनी का कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं आया है। हम कंपनी के विरोध में नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के अधिकार और क्षेत्र के विकास की मांग कर रहे हैं।"
पंकज, बघबैसा पनारी निवासी ने बताया हम स्थानीय युवाओं और श्रमिकों को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। कई बार कंपनी प्रबंधन से स्थानीय लोगों को योग्यता के अनुसार रोजगार देने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हमारी बात को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। धरना शुरू होने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक वार्ता या आश्वासन नहीं मिला है। कंपनी के सुरक्षा कर्मी केवल गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। हम किसी प्रकार का टकराव नहीं चाहते। जब तक हमारी दस सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। स्थानीय जनता के अधिकारों के लिए हमारा संघर्ष लगातार चलता रहेगा।
