Sonbhadra News: पांच सूत्रीय मांगों को लेकर विंध्य ब्रिगेड का अनिश्चितकालीन उपवास शुरू.
विंध्य ब्रिगेड के बैनर तले रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया गया। संगठन ने किसानों को समय पर डीएपी-यूरिया उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी रोकने, डीएमएफ फंड से माइनर और नालियों की मरम्मत, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा तथा स्थानीय उद्योगों में युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग उठाई।
sonbhadra
5:14 PM, Jul 16, 2026
Share:


पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे विंध्य ब्रिगेड के संयोजक रमेश कुमार मिश्र।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
विंध्य ब्रिगेड के बैनर तले गुरुवार को रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया गया। संगठन के संयोजक रमेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि जब तक सक्षम अधिकारी उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं देंगे, तब तक उपवास जारी रहेगा। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर मंडलायुक्त कार्यालय और जंतर-मंतर, नई दिल्ली में भी आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र में बार-बार निषेधाज्ञा लागू कर जनता की आवाज दबाए जाने का विरोध किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शक्ति के बल पर जन आंदोलनों को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इसके अलावा जल, जंगल और जमीन को उजाड़कर बड़े औद्योगिक प्लांट स्थापित किए जाने का भी विरोध जताया गया। संगठन का कहना है कि इससे भूगर्भ जल स्तर प्रभावित होगा, प्राकृतिक जलस्रोत खत्म होंगे और चंद्रप्रभा, धनरौल सहित अन्य बांधों में पर्याप्त जलभराव नहीं हो पाएगा। इसके चलते नहरों से जुड़ा पूरा क्षेत्र भविष्य में ड्राई जोन बनने के खतरे का सामना कर सकता है। विंध्य ब्रिगेड ने किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। संगठन ने जिले में डीएपी और यूरिया खाद की कमी, कालाबाजारी तथा मिलावटी खाद की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। साथ ही जिला खनिज निधि (डीएमएफ) के अरबों रुपये के फंड से जर्जर नालियों, माइनरों और सिंचाई संसाधनों की मरम्मत कराने की मांग की गई।
धरने के दौरान संयोजक रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि विंध्य ब्रिगेड किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, डीएमएफ फंड से सिंचाई संसाधनों के निर्माण और मरम्मत तथा स्थानीय उद्योगों में योग्य स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिलाने की मांग को लेकर उपवास पर बैठा है। उन्होंने कहा कि जिले में बड़े उद्योग स्थापित हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल रहा है। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से पर्यावरण और कृषि दोनों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक जनपद का कोई सक्षम अधिकारी मौके पर पहुंचकर इन सभी मांगों के समाधान का लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक विंध्य ब्रिगेड का अनिश्चितकालीन उपवास जारी रहेगा।



