Sonbhadra News: भीषण गर्मी में बीजपुर में गहराया जल संकट, टैंकरों से मिल रही राहत, पानी बेचने के आरोप से बढ़ी नाराजगी.
बीजपुर क्षेत्र में भीषण गर्मी के चलते पेयजल संकट गंभीर हो गया है। कई हैंडपंप, बोरिंग और कुएं जवाब दे चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। डोडहर और सिरसोती ग्राम पंचायतों के प्रधानों की पहल पर टैंकरों से पेयजल आपूर्ति शुरू कराई गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है। वहीं ग्रामीणों ने एनटीपीसी रिहंद परियोजना से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई है।
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8:47 PM, May 29, 2026
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पेयजल के लिए जदोजहत करते रहवासी।
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Story By: नीरज गुप्ता, बीजपुर।
सोनभद्र।
भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण बीजपुर क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। क्षेत्र के कई हैंडपंप, बोरिंग और पारंपरिक जलस्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जल संकट की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए डोडहर और सिरसोती ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने पहल करते हुए टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति शुरू कराई है। बताया जा रहा है कि समृद्धि जन कल्याण संस्था की टीम ने क्षेत्र में बढ़ते जल संकट को प्रमुखता से उठाया और ग्राम प्रधानों से सहयोग की अपील की। इसके बाद ग्रामीणों तक नियमित रूप से टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि टैंकरों से पानी मिलने के बाद उन्हें काफी राहत मिली है। पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब गांवों में पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी कुछ हद तक कम हुई है।
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हालांकि क्षेत्र में जल संकट अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, एनटीपीसी रिहंद परियोजना की भूमिका को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जल संकट के बावजूद परियोजना की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे कठिन समय में बड़ी औद्योगिक और सरकारी संस्थाओं को आगे आकर प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए। इधर, पानी की किल्लत के बीच कुछ बिचौलियों द्वारा टैंकर का पानी एक हजार रुपये तक में बेचने की चर्चाएं भी क्षेत्र में तेजी से फैल रही हैं। ग्रामीणों ने इसे मानवीय संवेदनाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि कुछ लोग संकट की इस घड़ी में भी आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हर वर्ष पानी की समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार हालात अधिक गंभीर हैं। उन्होंने प्रशासन से दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजना बनाने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने और अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
