Sonbhadra News: लगातार बारिश से बढ़ा नदियों और बांधों का जलस्तर, अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन.
लगातार बारिश से सोनभद्र में नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ा, कनहर डैम के 10 फाटक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। रिहंद, ओबरा डैम और सोन नदी में भी पानी की आवक बढ़ने से प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ओबरा एसडीएम-सीओ समेत अधिकारी ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं, नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई है।
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7:48 PM, Aug 31, 2026
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ओबरा डैम का निरीक्षण करते पुलिस अधिकारी, वहीं खैरटिया प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों को बारिश और बढ़ते जलस्तर के प्रति जागरूक करते एसडीएम ओबरा।
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Story By: विकास कुमार हलचल।
सोनभद्र।
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जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब नदियों और बांधों के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। कनहर डैम का जलस्तर 262.300 मीटर के पार पहुंच गया है, जिसके बाद जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम के दस फाटक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। छत्तीसगढ़ समेत आसपास के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश से जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। कनहर डैम के साथ ही रिहंद डैम, ओबरा डैम और सोन नदी में भी पानी की आवक बढ़ रही है। जलस्तर और पानी की आवक पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बांधों के फाटक खोले जा सकते हैं। इसे देखते हुए नदी और बांध क्षेत्रों में निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। लगातार बारिश के बीच जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ओबरा एसडीएम और सीओ समेत पुलिस बल क्षेत्र में भ्रमण कर ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। एसडीएम ओबरा के नेतृत्व में रेणुका नदी के किनारे स्थित चकाड़ी, गुरुर, खैरटिया और ओबरा डैम के आसपास जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से लोगों से अपने बच्चों और पशुओं को नदी एवं बांध क्षेत्र से दूर रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि लगातार बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे जाना, तेज बहाव वाले स्थानों पर उतरना या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाना जानलेवा हो सकता है। ग्रामीणों से किसी भी तरह की आपात स्थिति होने पर तत्काल प्रशासन या पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम के माध्यम से बांधों और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



