Sonbhadra News: जब रोया मासूम तो जाग उठी इंसानियत, लोगों की सजगता से सुरक्षित रहा बच्चा.
चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा बस स्टैंड पर कोन जाने वाली एक निजी बस में एक महिला अपने डेढ़-दो माह के बच्चे को सीट पर लिटाकर चली गई। काफी देर तक महिला के वापस न लौटने और बच्चे के रोने पर लोगों को संदेह हुआ। खोजबीन के बाद महिला को बस स्टैंड से करीब एक किलोमीटर दूर पकड़ा गया। सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस महिला और बच्चे को चोपन थाने ले गई।
sonbhadra
9:32 PM, Jun 15, 2026
Share:


मासूम बच्चे को बस में छोड़ने की सूचना के बाद जुटी ग्रामीणों की भीड़, मामले की जानकारी लेते स्थानीय लोग।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: चंदन कुमार चोपन।
सोनभद्र।
विज्ञापन
चोपन थाना क्षेत्र के तेलगुड़वा बस स्टैंड पर सोमवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला द्वारा एक अबोध बच्चे को बस की सीट पर छोड़कर चले जाने की सूचना फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और बच्चे को छोड़कर जा रही महिला को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि बाद में पुलिस की जांच में मामला पूरी तरह स्पष्ट हो गया और पता चला कि बच्चा उसी महिला का है तथा महिला मानसिक रूप से कमजोर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार सुबह तेलगुड़वा बस स्टैंड पर कोन जाने वाली एक निजी बस यात्रियों के इंतजार में खड़ी थी। इसी दौरान एक महिला अपने साथ लगभग डेढ़ से दो माह के एक मासूम बच्चे को लेकर बस स्टैंड पहुंची। महिला के पास एक झोला भी था। उसने बच्चे को बस में ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर लिटा दिया और खुद बस से नीचे उतर गई। बस में बैठे यात्रियों ने शुरुआत में यह समझा कि महिला किसी आवश्यक कार्य से नीचे उतरी है और कुछ ही देर में वापस लौट आएगी। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी महिला बस में वापस नहीं आई। इसी बीच सीट पर लेटा मासूम बच्चा रोने लगा। बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनकर बस में बैठे यात्रियों का ध्यान उसकी ओर गया। लोगों ने आसपास महिला को तलाशना शुरू किया लेकिन वह कहीं दिखाई नहीं दी। बच्चे को अकेला देखकर यात्रियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई। कुछ लोगों ने आसपास के दुकानदारों और राहगीरों से भी महिला के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। काफी खोजबीन के बाद लोगों ने देखा कि महिला तेलगुड़वा बस स्टैंड से लगभग एक किलोमीटर दूर कोटा मार्ग की ओर पैदल जाती हुई दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने महिला को रोककर पूछताछ की और उससे बच्चे के बारे में जानकारी मांगी। लोगों ने पूछा कि बच्चा कौन है और वह उसे बस में छोड़कर क्यों जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। पूछताछ के दौरान वह घबराई हुई दिखाई दी और वहां से जाने का प्रयास करने लगी। इसके बाद लोगों को मामला संदिग्ध लगा और उन्होंने महिला को अपने साथ वापस बस स्टैंड ले आए। बस स्टैंड पर पहुंचने के बाद भी जब महिला बच्चे के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी तो लोगों की चिंता और बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने स्थानीय महिलाओं के सहयोग से महिला और बच्चे को अपने संरक्षण में लिया तथा दोनों को पीआरबी वाहन से चोपन थाने ले जाया गया। घटना की जानकारी क्षेत्र में तेजी से फैल गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग बस स्टैंड पर एकत्र हो गए। कुछ समय के लिए क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। थाने में पुलिस द्वारा महिला से पूछताछ और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिस बच्चे को लेकर हंगामा मचा था, वह महिला का अपना ही पुत्र है। पुलिस ने यह भी पाया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर है, जिसके कारण वह सामान्य ढंग से लोगों के सवालों का जवाब नहीं दे पा रही थी। मामले के संबंध में थाना प्रभारी चोपन गोपाल जी गुप्ता ने बताया कि जांच के दौरान कोई आपराधिक तथ्य सामने नहीं आया है। बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और वह महिला का ही है। उन्होंने बताया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए लोगों को भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद महिला और बच्चे को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया।
