सोनभद्र की बेटी ने रचा इतिहास, यूजीसी नेट में रैंक-44 हासिल कर आदिवासी जिले का किया नाम रोशन.
सोनभद्र की लक्ष्मी गिरी ने यूजीसी नेट परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 44वीं रैंक हासिल की है। लक्ष्मी के पिता रविंद्र गिरी छोटा व्यवसाय चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। जो बेटी की उपलब्धि से बहुत खुश है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद कुमार समेत कई लोगों ने लक्ष्मी को बधाई दी है।
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9:45 AM, Sep 8, 2025
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लक्ष्मी की रूचि सिलाई और लजीज व्यंजनों में भी है।
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Story By: प्रमोद कुमार, चोपन.
सोनभद्र।
सोनभद्र की बेटी लक्ष्मी गिरी ने यूजीसी नेट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-44 हासिल कर पिछड़े आदिवासी जिले का नाम रोशन किया है। लक्ष्मी छोटी सी व्यवसाय करके परिवार का भरण पोषण करने वाले रविंद्र गिरी की बेटी हैं। लक्ष्मी की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सामाजिक सेवा में लगे प्रमोद कुमार सहित अन्य लोगों ने लक्ष्मी को बधाई दी है और आगे आने वाले समय के लिए उज्जवल भविष्य की कामना की है। ख़ुशी के माहौल में अमलेश सोनकर ने कहा यह सफलता जनपद की अन्य बेटियों को भी अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करेगी। लक्ष्मी की सफलता ने साबित कर दिया कि आदिवासी जिले की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। बता दे कि सोनभद्र एक ऐसा जिला है जहां पढ़ाई को लेकर कोई बड़ा स्कोप नहीं है और ना ही कॉम्पिटिशन के लिए कोई अच्छी कोचिंग सेंटर, यहां के विद्यार्थियों को जिले से बाहर जाकर ही उच्च शिक्षा लेनी होती है। लेकिन लक्ष्मी ने यह भी साबित कर दिया कि खुद में जज्बा और लगन हो तो कोई भी मुकाम मेहनत के बल पर हासिल किया जा सकता है।
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लक्ष्मी की रूचि सिलाई और लजीज व्यंजनों में भी है बहनों में सबसे बड़ी होने के नाते उनके ऊपर घर की गृहस्थी का भी दामोदर रहा है और छोटी बहनों का ध्यान भी रखना उनकी प्राथमिकताओं में से एक था। इन सबके बाद भी उनको जो मुकाम हासिल करना था उसके लिए लक्ष्मी ने जीतोड़ मेहनत की और आज वो स्थान हासिल की जिसका सपना परीक्षा देने वाले प्रत्येक अभ्यार्थी को होता है। लक्ष्मी की के भाई और बहन ने भी अपने दीदी की तरह अच्छा मुकाम हासिल करने की बात कही है।लक्ष्मी को शिखर पर देख उनके माता-पिता बहुत ज्यादा ख़ुश है। उन्होंने कहा कि हमारा शुरू से ही सोचा था कि हमारी बेटी जो पढ़ना चाहे पढ़े हमने कभी उसको किसी चीज के लिए दबाव नहीं दिया हमारी बेटी ने भी हमारी मान मर्यादा को रखा और मुकाम हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन किया। हमारी बेटी हमलोगो का नाम रौशन कर दी है हमलोग का आशीर्वाद हैं कि वह और भी आगे बढ़े। साथ ही लोगों का सपना है कि वह अच्छी डॉक्टर बन जाए और लोगों की सेवा करे। लक्ष्मी ने अपने उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने परिजनों को ही दिया है, लक्ष्मी ने कहा हमारी उपलब्धि में माता-पिता का आशीर्वाद बहुत ही मायने रखता है बिना बड़ों की आशीर्वाद और सही दिशा से कोई सफलता हासिल नहीं की जा सकती।



