Sonbhadra: शिक्षकों का कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन, टीईटी की बाध्यता शिक्षकों के हित में नहीं- शिक्षक संघ
कलेक्ट्रेट परिसर में गुरूवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ो शिक्षको ने कलेक्ट्रेट गेट से लेकर कलेक्ट भवन तक पैदल मार्च भी निकाला। शिक्षकों ने कहा टीईटी की बाध्यता शिक्षकों के हित में नहीं है। इस आदेश को वापस लेना चाहिए।
sonbhadra
5:18 PM, Sep 11, 2025
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कलेक्ट्रेट भवन में शिक्षकों का प्रदर्शन।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षकों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट गेट से भवन तक पैदल मार्च निकाला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 23 अगस्त 2011 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करनी होगी।
यह परीक्षा अगले दो वर्षों में उत्तीर्ण करनी है, अन्यथा उन्हें सेवा से निवृत्त कर दिया जाएगा। इस नियम से केवल 5 वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को छूट दी गई है। इस बात से चिंतित शिक्षको ने मार्च निकाल कर अपनी आवाज़ बुलंद की।
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पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रवि भूषण ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की पात्रता के अनुसार की गई थी। पहले हाई स्कूल योग्यता थी, फिर इंटरमीडिएट और बाद में स्नातक की गई। उन्होंने बताया कि 2017 में संसद में एक कानून पारित किया गया था। इस कानून के तहत कार्यरत शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया।
शिक्षक नेताओं का आरोप है कि सरकार ने इस कानून को जिलों और प्रदेश में नहीं भेजा और छिपाए रखा। अब सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से यह आदेश लागू किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।



