Sonbhdra News: चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर करारी गांव स्थित शहीद स्थल पर किया गया आयोजन.
शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी के तत्वावधान में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस के अवसर पर विविध सास्कृतिक व साहित्यिक आयोजन शुक्रवार की सुबह संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि समाजसेवी कमलेश खांबे ने तिरंगा ध्वज फहराया और राष्ट्र गान पश्चात जयकारे के बीच शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीपदान कर विधिवत कार्यक्रम का आगाज किया।
sonbhadra
1:05 PM, Feb 27, 2026
Share:


लहू से ललाट पर हिंदुस्तान लिख देना राष्ट्र के लिए प्रेणादायक शब्द: प्रभात सिंह चंदेल..
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी के तत्वावधान में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस के अवसर पर विविध सास्कृतिक व साहित्यिक आयोजन शुक्रवार की सुबह संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि समाजसेवी कमलेश खांबे ने तिरंगा ध्वज फहराया और राष्ट्र गान पश्चात जयकारे के बीच शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीपदान कर विधिवत कार्यक्रम का आगाज किया। चंदौली से आये कवि शिवदास ने अध्यक्षता करते हुये,, लहर रहा है गगनांगन में हिंदुस्तानी शान, तिरंगा पर हो जा कुरबान, सुनाकर देशभक्ति का जोश भरा। संचालन करते हुए अशोक तिवारी ने अपनी गजलों व शायरी से लोगों का मन मोह लिया। सोन संगीत फाउंडेशन के सुशील मिश्रा ने देश गीत व देवी गीत सस्वर गायन कर महफ़िल में चार चांद लगाये। धर्मेश चौहान ने बडा़ ही सुंदर बड़ा ही मनहर अपना हिंदुस्तान सुनाकर भारतमाता को नमन किये। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल ने, लहू से ललाट पर हिंदुस्तान लिख देना तो वहीं सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने, तिरंगे में सजे अर्थी बजे धुन राष्ट्र गीतों की, जनाजा जब मेरा निकले वतन के वास्ते निकले सुनाकर मादरे हिंद को नमन् किये। गीतकार दिलीप सिंह दीपक ने, चंद सिक्कों के खातिर तुम अपना ईमान मत बेचो सुनाकर व्यवस्था को आईना दिखाया। संयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी ने, काश लहू का इक इक कतरा भारत माँ के काम आये सुनाकर राष्ट्र वंदना किये और आभार भी व्यक्त किया। जयराम सोनी व सुनील चौचक के हास्य कविता से लोग देर तक ठहाके लगाते रहे। सभी अतिथियों का अभिनंदन अंगवस्त्र, पगड़ी, लेखनी, पुस्तिका, माल्यार्पण कर किया गया। मुख्य अतिथि कमलेश खांबे ने आजाद के व्यक्तित्व पर विशद प्रकाश डाला। इस अवसर पर बच्चों द्वारा सरस प्रस्तुति भी दी गई। इस मौके पर रामयश त्रिपाठी, पुरुषोत्तम कुशवाहा, शिवमोचन, फारुख अली हाश्मी, बृज किशोर देव पांडेय, त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, शिखा, अंशिका, आद्या, साहित्य, ऋषभ त्रिपाठी, शिवम एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
