ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhdra news there is severe lack of basic facilities in jugail area demonstration of local people deprived of facilities like roads electricity water and mobile network

Sonbhdra News: जुगैल क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव, सड़क-बिजली, पानी-मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं से वंचित स्थानीय लोगों का प्रदर्शन.

जुगैल गांव के निवासियों ने आज कलेक्टर पर प्रदर्शन किया और अपने 12 सूत्री मांग को लेकर ज्ञापन सोपा। जुगैल क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यह क्षेत्र राज्यमंत्री संजय गौड़ के विधानसभा क्षेत्र में आता है, फिर भी यहां की जनता को सड़क, बिजली, पीने का पानी, चिकित्सालय, मोबाइल नेटवर्क और सरकारी बस जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव झेलना पड़ रहा है।

sonbhadra

6:36 PM, Jan 7, 2026

Share:

Sonbhdra News: जुगैल क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव, सड़क-बिजली, पानी-मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं से वंचित स्थानीय लोगों का प्रदर्शन.
logo

12 सूत्री मांग को लेकर सौंपा गया ज्ञापन।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।

जुगैल गांव के निवासियों ने आज कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और अपने 12 सूत्री मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का जुगैल क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यह क्षेत्र राज्यमंत्री संजय गौड़ के विधानसभा क्षेत्र में आता है, फिर भी यहां की जनता को सड़क, बिजली, पीने का पानी, चिकित्सालय, मोबाइल नेटवर्क और सरकारी बस जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव झेलना पड़ रहा है। वर्ष 1989 में सोनभद्र जिले के गठन के समय जुगैल क्षेत्र की जनता को विकास के कई सपने दिखाए गए थे, जो अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। यह जिला देश के सबसे बड़े, पिछड़े, आदिवासी और वनवासी बहुल क्षेत्रों में से एक है, जो राज्य को भारी राजस्व भी देता है। जिले में केंद्र और राज्य दोनों जगह उसी दल की सरकारें रही हैं, जिसके प्रतिनिधियों को यहां की जनता ने चुना है। वर्तमान में भी जिले के चारों विधायक सत्ताधारी दल से हैं, जिनमें राज्यमंत्री संजय गौड़ भी शामिल हैं। इसके बावजूद, जुगैल क्षेत्र आज भी 'काला पानी' जैसी दुर्दशा का सामना कर रहा है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से गरीब, आदिवासी, वनवासी और अति पिछड़े दलित समुदाय के लोगों का निवास स्थान है। स्थानीय निवासियों ने सरकार से विनम्र निवेदन किया है कि इस क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए एक कार्य योजना बनाई जाए, जिससे न केवल जुगैल क्षेत्र का विकास हो, बल्कि पड़ोसी राज्यों के लोग भी लाभान्वित हो सकें। जुगैल क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं भी हैं। यहां जिरही देवी, बंसरा देवी, सोभनाथ मंदिर, अगोरी किला, कुण्डवासिनी धाम (कुड़ारी देवी) जैसे धार्मिक स्थल और सोन, रेणुका व बिजुल नदियों का संगम मौजूद है। भरहरी ग्रामसभा में हरसाडाड़ खोंगवा दरी भी है, जिसके सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है। जुगैल क्षेत्र, जो भौगोलिक रूप से बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे चार राज्यों से सटा हुआ है, मुख्यालय से कटा हुआ है। यहां के निवासियों को सड़क, बिजली, पीने का पानी, चिकित्सा सुविधा, संचार (मोबाइल नेटवर्क) और सरकारी बस जैसी मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव झेलना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण जुगैल क्षेत्र के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए मुख्यालय होते हुए वाराणसी जाना पड़ता है। कई बार उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी रास्ते में ही मृत्यु हो जाती है। संचार व्यवस्था के अभाव में 101, 102, 108, 1090, 1098, 1070, 112, 1076 जैसे आपातकालीन टोल-फ्री नंबरों का लाभ भी नहीं मिल पाता, जिससे कई बीमार व्यक्ति अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। मोबाइल नेटवर्क की कमी के चलते भारत सरकार और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं भी यहां के गरीब लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके अतिरिक्त, नेटवर्क समस्या के कारण जुगैल में बैंक भी जमा-निकासी और खाता खोलने जैसे कार्य नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय जनता को बैंकिंग सेवाओं के लिए 30 किलोमीटर का सफर तय कर ओबरा या चोपन जाना पड़ता है। जनपद सोनभद्र में हिंडाल्को, एनटीपीसी और यूपीपीसीएल जैसी बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं संचालित हैं। हालांकि, इन परियोजनाओं का लाभ स्थानीय आदिवासी और गरीब जनता को नहीं मिल रहा है। क्षेत्र की जनता मुख्य रूप से रेणुका, बिजुल और सोन नदियों पर निर्भर है, लेकिन औद्योगिक परियोजनाओं से निकलने वाले कचरे और प्रदूषण से वे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोग मजदूरी के लिए इन औद्योगिक परियोजनाओं पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें यहां रोजगार नहीं मिल रहा है। इन परियोजनाओं में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं में असंतोष है। हिंडाल्को, एनटीपीसी और यूपीपीसीएल जैसी संस्थाओं ने जुगैल क्षेत्र के विकास के लिए अब तक कोई विशेष सहयोग नहीं दिया है। खराब आवागमन सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र आज भी मुख्यालय से पूरी तरह कटा हुआ है, जिससे यहां के निवासियों का जीवन और भी कठिन हो गया है।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.